पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में पूर्व मंत्री और बारामुला के पट्टन से विधायक रहे इमरान रजा अंसारी के रिश्तेदार के श्रीनगर स्थित पांच ठिकानों पर वीरवार को आयकर विभाग ने सर्वे किया। इस दौरान कुछ अहम दस्तावेज भी सीज किए गए।
विभाग के अनुसार आयकर विभाग ने दवा के होलसेलर के पांच ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई की। आरोप है कि ग्रुप लाइफ सेविंग ड्रग्स पर भारी कीमतें वसूल रहा था। इस मुनाफे का इस्तेमाल रीयल एस्टेट में किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों से यह सामने आया कि ग्रुप के सदस्यों की ओर से आय की भारी रकम छुपाई गई।
3.08 करोड़ रुपये से श्रीनगर में दो जमीनें खरीदीं गईं। इसे आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया गया। परिवार के एक सदस्य के नाम आलमगिरी में जेके बैंक की शाखा में खाता है। इसकी रिटर्न में जानकारी नहीं दी गई थी, जिसका सर्वे में खुलासा हुआ। इस बैंक खाते का इस्तेमाल फार्मा बिजनेस से हुई बेहिसाब आय के लिए किया जा रहा था।
तीन बैंक लॉकरों का भी पता चला है। जांच के दौरान और भी सबूत हाथ लग सकते हैं। विभाग के अनुसार नोटबंदी के दौरान ग्रुप ने 47.20 लाख रुपये भी जमा किए थे, लेकिन इसके स्त्रोत के बारे में अब तक जानकारी नहीं दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, वीरवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने श्रीनगर के करण नगर स्थित नार्थ प्वाइंट कांप्लेक्स पर छापा मारा और तलाशी ली। यह कांप्लेक्स इमरान रजा अंसारी का है और यहां पर फार्मा व्यवसाय से जुड़े कई ऑफिस हैं, जिनमें से एक इमरान के बहनोई सैयद अरशद हुसैन का भी है। आयकर विभाग ने अरशद के दफ्तर से कुछ दस्तावेज सीज किए।
इसके बाद विभाग की टीम ने श्रीनगर के पुराने शहर आलमगिरी बाजार स्थित इसी परिवार के घर पर भी छापा मारा। यह घर पूर्व जिला उपायुक्त सैयद आगा अल्ताफ का है, जिनके तीन पुत्र डॉ. वाजिद अली, सैयद अरशद हुसैन और सैयद इकबाल (पूर्व इंजीनियर) हैं। फार्मा कंपनी इमरान के जीजा डील करते हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद रहे। इसे लेकर किसी भी अधिकारी ने कोई जानकारी नहीं दी है। जबकि आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई का पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता इमरान रजा अंसारी से कोई लेना देना नहीं है।