केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकरऔर डॉ. जितेंद्र सिंह
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को आईआईटी जम्मू का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के आईआईटी संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है।
इसके लिए शोध तथा आधारभूत संरचनाओं में वृद्धि की जा रही है। कोशिश होगी कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आईआईटी में जाने का मौका मिले। शिक्षा राष्ट्रीय एजेंडा है। इसे दलगत भावना से ऊपर उठकर सभी के सहयोग से सबको शिक्षा और अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके लिए फैकल्टी तथा छात्रों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। जम्मू में दाखिला लेने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों को आकार देना अभिभावकों तथा फैकल्टी का काम है। जम्मू सहित देशभर में 23 आईआईटी में 10 हजार से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया है।
अब एक भी सीट खाली नहीं है। आईआईटी में दाखिला के लिए 15 लाख बच्चे शामिल होते हैं। इनमें एडवांस में 1.50 लाख चयनित होते हैं और फिर बमुश्किल एनआईटी को लेकर 20 हजार का दाखिला हो पाता है। आज यह गर्व की बात है कि देश के आधे से ज्यादा उद्योगों का नेतृत्व आईआईटी के छात्र कर रहे हैं।
मेक इन इंडिया के सपने को करना है साकार
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के सपने को साकार करना है। इसके लिए विदेशों से अपनी मेधा को देश में लाकर उनका बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में काम चल रहा है ताकि इसे मेड इन इंडिया में बदला जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कैंपस में जल्द ही डायरेक्टर की नियुक्ति कर दी जाएगी। साथ ही अच्छे फैकल्टी की भी नियुक्ति की जाएगी।
जम्मू आईआईटी को भी देश के अन्य आईआईटी की तरह सुविधाएं मिलेंगी। इस अवसर पर पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह, शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी, सांसद जुगल किशोर शर्मा व शमशेर सिंह मन्हास, आईआईटी निदेशक दिल्ली प्रो. वी रामगोपाल राव मौजूद रहे।
घोषणाएं
- एनआईटी श्रीनगर को 100 करोड़ रुपये। शोध तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए
- रियासत के तकनीकी शिक्षा संस्थानों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में सुविधाओं का विकास
- आईआईटी की तैयारी के लिए आनलाइन कोचिंग सुविधा। मैटेरियल से लेकर सब कुछ मुफ्त
- आईआईटी छात्र उद्यमियों से करें सीधा संवाद। अपने हॉस्टल का पता दे सकते हैं। अपने ज्ञान को साझा करें
- उच्चतर आविष्कार योजना के तहत उद्योगों से संवाद, इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना
- आईआईटी में शोध को बढ़ावा। फैकल्टी के रूप में अध्यापन के साथ ही शोध के लिए प्रोजेक्ट
- देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये