जम्मू। स्थानीय परिवेश की बेहतरी के लिए व्यक्ति, व्यवसायी और संगठन एक पार्क को अपनाएं। इसके साथ ही उनका रखरखाव करें और बदलाव लाएं। यह आह्वान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को जम्मू नगर निगम के एडॉप्ट-ए-पार्क पहल के शुभारंभ अवसर पर त्रिकुटा नगर में आयोजित कार्यक्रम में किया।
इस मौके पर उन्होंने स्थानीय समुदायों के लोगों, संघों और संगठनों को आसपास के पार्कों के रखरखाव और सफाई में योगदान देने की भी अपील की। बताया कि इस पहल के तहत जम्मू शहर के विभिन्न स्थानों पर जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों द्वारा 17 सार्वजनिक पार्कों को पहले ही गोद लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सुंदर और सुव्यवस्थित पार्कों को स्वच्छ और कूड़े से मुक्त बनाने के लिए लोगों की भागीदारी, सामुदायिक समर्थन की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए तंत्र बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
पेड़ों का संरक्षण करना प्राचीन संस्कृति है। उपराज्यपाल ने अनूठी और महत्वपूर्ण पहल के साथ एक नई क्रांति शुरू करने के लिए डॉ. मिताली गुप्ता और जम्मू नगर निगम को बधाई दी। कहा कि एडॉप्ट-ए-पार्क हर घर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का एक अवसर है। नारों के बजाय पेड़ों और पौधों का संरक्षण हमारे शहर को और अधिक सुंदर बनाएगा। जम्मू-कश्मीर सरकार ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए स्कूलों, गैर-सरकारी संस्थानों, ग्राम पंचायतों और शहरी वृक्षारोपण समितियों के सहयोग से कई अभियान चला रही है। प्रशासन ने इस साल 1 करोड़ 30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है जिसे जिम्मेदार नागरिकों की भागीदारी से पूरा किया जा सकता है। इस मौके पर प्रधान सचिव धीरज गुप्ता, संभागीय आयुक्त जम्मू राघव लंगर और अवनी लवासा आदि मौजूद रहे।