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पुलवामा समेत कई हमलों में आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से ही की थी घुसपैठ

Thu, 27 Aug 2020 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू 
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International Border - फोटो : अमर उजाला
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पुलवामा हमले में डेढ़ साल बाद एनआईए की ओर से दायर चार्जशीट में आतंकी उमर फारूक के जम्मू-कठुआ बार्डर से प्रदेश में घुसने का जिक्र किया गया है। इस खुलासे से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हुए हैं। एनआईए की जांच साफ कहती है कि सांबा कठुआ बार्डर को सीमापार से आतंकी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। 

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इसे ढाल बनाकर बड़े हमलों को अंजाम दे रहे हैं। सिर्फ पुलवामा हमला ही नहीं, ऐसे कई हमले हैं, जिसकी जांच करने के बाद एनआईए ने साफ कहा कि हमला करने वाले आतंकी सांबा कठुआ बार्डर से घुसे थे। हालांकि बीएसएफ अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ की बात को नकारती रही है, लेकिन ज्यादातर हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी सांबा और कठुआ बार्डर से ही घुसपैठ करने में कामयाब रहे।

हमला नंबर 1
स्थान: नगरोटा सैन्य कैंप
तीथि: 29 नवंबर 2016
तीन आतंकी मारे गए , 7 सैन्य कर्मी शहीद हो गए
हमले की जांच: एनआईए 

हमला नंबर 2
स्थान: सुंजवां मिलिट्री स्टेशन
तीथि: 10 फरवरी 2018
तीन आतंकी मारे गए, पांच जवान शहीद, एक नागरिक मारा गया
जांच दी गई: एनआईए

हमला नंबर 3
स्थान: झज्जर कोटली
तीथि: 12 सितंबर 2018
तीन आतंकी मारे गए
हमले की जांच: एनआईए

हमला नंबर 4
स्थान: पुलवामा सीआरपीएफ कानवाय
तीथि: 14 फरवरी 2019
एक आतंकी मारा गया, सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए
हमले की जांच: एनआईए

हमला नंबर 5
स्थाना: नगरोटा बन टोल प्लाजा
तीथि: 31 जनवरी 2020
तीन आतंकी मारे गए
हमले की जांच: एनआईए
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हर हमले के तार कठुआ सांबा बार्डर से जुड़े

यह हमले अलग-अलग वर्ष में हुए, लेकिन इनमें एक बात सामान्य थी कि आतंकी पाकिस्तानी संगठन जैश ए मोहम्मद के थे। इन पांच हमलों की जांच में एनआईए ने बताया कि इसमें शामिल आतंकी जैश ए मोहम्मद के थे। यह आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ करके आए। आतंकियों ने सांबा और कठुआ बार्डर से घुसपैठ की। यहां तक कि झज्जर कोटली में मारे गए आतंकियों के साथियों से पूछताछ में भी खुलासा हुआ कि पिछले चार सालों से कठुआ के हीरानगर बौर सांबा जिला बार्डर से 50 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ करके कश्मीर पहुंच गए। 

अब भी इसी बार्डर पर नजर
जम्मू, सांबा और कठुआ जिले से लगते अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यूं तो पिछले 32 साल से शांति है, लेकिन कठुआ के हीरानगर सेक्टर में लगातार शांति भंग हो रही है। बार-बार पाकिस्तान इसी बार्डर पर फायरिंग कर रहा है। कुछ महीने पहले हीरानगर में ही बार्डर पर पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए हथियार भी भेजे। अब भी बार्डर पर फायरिंग की आढ़ में आतंकियों को घुसपैठ करने की कोशिश की जा रही है।
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