जम्मू कश्मीर बैंक में बीते आठ साल में पिछले दरवाजे से ढाई हजार नियुक्तियां की गईं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को श्रीनगर कोर्ट में चालान कर कई खुलासे किए हैं। इन नियुक्तियों को करने वालों में बैंक के दो पूर्व चेयरमैन मुश्ताक अहमद और परवेज मेंगरू भी शामिल रहे हैं। दो पूर्व चेयरमैन व 12 मौजूदा अफसरों समेत घोटाले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले पर 27 जनवरी 2020 को कोर्ट में सुनवाई होगी।
एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि जेके बैंक में 2011 के बाद से बड़े स्तर पर लगभग 3 हजार अवैध नियुक्तियां हुई हैं। इस शिकायत के आने के बाद ब्यूरो ने कोर्ट से वारंट लेकर जेके बैंक मुख्यालय श्रीनगर में जून 2019 में छापा मारकर तलाशी ली। उस दौरान कई दस्तावेज और रिकार्ड जब्त किए गए।
ब्यूरो ने इन कागजात में पाया कि 2500 नियुक्तियां पिछले दरवाजे से हुई हैं। यह नियुक्तियां पूर्व चेयरमैन मुश्ताक अहमद और परवेज नेंगरू के समय में की गईं। नौकरियों में सगे संबंधियों और जान पहचान के लोगों को एडजस्ट किया गया। नियमों को ताक पर रखकर नौकरियां बांटकर मोटी कमाई भी की गई। इन नियुक्तियों को ब्यूरो ने अवैध और बड़ा फ्राड बताया है।
जांच में इनके नाम सामने आए
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने जांच की। कुल 23 लोगों के नाम सामने आए। 17 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की सरकार से अनुमति मांगी गई। जिनके खिलाफ सरकार ने अनुमति दी। इनमें जम्मू कश्मीर बैंक के जोनल कार्यालय अनंतनाग में तैनात मोहम्मद अयूब, श्रीनगर बैंक मुख्यालय में तैनात वाइस प्रेजीडेंट डिपाजिट लायबिलिटी फयाज अहमद, आरसीसी दिल्ली में तैनात सीनियर एग्जीक्यूटिव शौकत अहमद, श्रीनगर आलमगिरी यूनिट में सीनियर एग्जीक्यूटिव मोहम्मद याया, श्रीनगर मुख्यालय में तैनात वाइस प्रेजीडेंट अरशद हुसैन, आरसीसी श्रीनगर में सीनियर एग्जीक्यूटिव आसिफ इकबाल रैना, नामार श्रीनगर ब्रांच में एग्जीक्यूटिव सईद इरफान लतीफ, श्रीनगर मुख्यालय में तैनात एग्जीक्यूटिव परवेज अहमद बाबा, मुख्यालय में तैनात प्रेजीडेंट मोहम्मद इकबाल, अप्पर साहू ब्रांच श्रीनगर के एसोसिएट एग्जीक्यूटिव इमरान मट्टू, श्रीनगर मुख्यालय में तैनात सीनियर एग्जीक्यूटिव शाकूर भट्ट, पुलवामा के क्लस्टर हेड मोहम्मद असलम शामिल हैं। यह लोग तब अलग अलग पदों पर थे, जिनकी नियुक्तियों में शामिल होने की बात सामने आई है।