वैश्विक बाजार में प्रदेश के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जीआई टैगिंग और जैविक प्रमाणीकरण पर बल दिया गया है। इससे उत्पादकों की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। इसकी मांग भी बढ़ रही है। यह बात उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग की ओर से आयोजित मेगा फॉर्मर्स एंड ग्रोवर्स मेले के शुभारंभ पर कही।
उप-राज्यपाल ने कहा कि बागवानी का सही विपणन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का उत्पादन किसानों और सेक्टर से जुड़े अन्य लोगों के लिए उचित लाभांश प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है। उप-राज्यपाल ने उच्च घनत्व वाले पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य बागवानी उत्पादन में बढ़ावा देना है। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादकों को बाजार में लाना है। उच्च घनत्व वाले वृक्षारोपण अभियान से किसान की आय को दोगुना करने के अलावा बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता और मात्रा को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
उप-राज्यपाल ने कहा कि बागवानी क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लगभग 30 लाख आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका के लिए जुड़ी हुई है। किसान समुदाय के कल्याण के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। संस्थागत ऋण तंत्र को मजबूत किया गया है और किसानों को केसीसी योजना के तहत ऋण दिया जा रहा है। उप-राज्यपाल ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी दौरा किया। मौके पर कृषि कलेंडर को भी जारी किया गया। उप-राज्यपाल ने जिले के प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार और कृषि मशीनरी वितरित की।