जम्मू। लॉकडाउन के चलते शराब की दुकानें एक महीने से बंद हैं। एक तरफ यहां पड़ोसी राज्यों से बड़े स्तर पर विस्की भेजी जा रही है। वहीं देसी शराब निकालने वाले भी बड़े स्तर पर सक्रिय हैं। कठुआ, सांबा और जम्मू जिले के कुछ हिस्सों में देसी शराब निकालने वाले फिर से सक्रिय हो गए हैं। दरअसल, शराब की दुकाने बंद होने से पीने वाले देसी शराब की तरफ जा रहे हैं। पहले दुकानें खुलने पर इनके पास जाने वाले काफी कम लोग होते थे। लेकिन दुकाने बंद होने से इनके पास जाने वालों की संख्या बढ़ गई है। देसी शराब निकालने वाले इस तीन से चार गुणा अधिक दाम पर बेच रहे हैं। लॉकडाउन से पहले देसी शराब प्रति लीटर 200 रुपये थी। जो कि लॉकडाउन में 600 से 700 रुपये में बेची जा रही है। इसको तैयार करने में यहां 10 से 12 दिन का वक्त लगता था। अब इसकी मांग को देखते हुए इसे 5 से 6 दिन में ही तैयार कर लिया जाता है। जिसमें नशीले इंजेक्शन तक इस्तेहाल हो रहे हैं। आबकारी विभाग के उपायुक्त अमरजीत सिंह का कहना है कि लॉकडाउन में 5600 लीटर देसी शराब नष्ट की गई है। सिंह का कहना है कि लॉकडाउन में यह लोग अधिक सक्रिय हो गए हैं। इनके पास ग्राहक भी काफी पहुंच रहे हैं। पुलिस की मदद से इन पर नजर रख रहे हैं। बिश्नाह पुलिस ने दिखाया दम सबसे अधिक बिश्नाह पुलिस की ओर से देसी शराब पर कार्रवाई की गई है। लॉकडाउन में तीन बार पुलिस की ओर से देसी शराब निकालने वालों को पकड़ा गया है और इनके पास से देसी शराब बरामद की गई। थाना प्रभारी दीपक पठानिया का है कि बिश्नाह क्षेत्र के कुछ इलाकों में लंबे समय से देसी शराब निकाली जाती रही है। लॉकडाउन में यह फिर से सक्रिय हुए। इन पर कार्रवाई की जा रही है। शिकंजा और कसा जाएगा।