फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीरः 5276 कनाल भूमि पर अवैध नामांतरण रद्द, कई सफेदपोशों पर गिर सकती है गाज

Sun, 16 Feb 2020 04:22 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ग्राफिक्स
विज्ञापन

वन भूमि, राज्य और काह चराई की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सुंजवां में 4,945 और चौआदी में 331 कनाल भूमि का नामांतरण रद्द कर दिया है। इस भूमि पर लोगों ने राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम चढ़वा लिए थे। जिला उपायुक्त सुषमा चौहान की ओर से शनिवार को इस आशय का आदेश जारी किया। प्रशासन की इस कार्रवाई से कई सफेदपोशों और प्रभावी व्यक्तियों पर गाज गिर सकती है।

विज्ञापन

 
जिला उपायुक्त ने जम्मू-कश्मीर लैंड रैवेन्यू एक्ट 1996 और जम्मू व कश्मीर फारेस्ट (कंजरवेशन) एक्ट 1997 का हवाला देते हुए सभी अवैध नामांतरण रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। बताया कि सुंजवां में वन विभाग की 4,945 कनाल व 12 मरला भूमि पर किया गया नामांतरण अवैध है। चौआदी में भी 331 कनाल व 03 मरला राज्य भूमि पर भी अवैध नामांतरण को राजस्व रिकॉर्ड से रद्द करने के आदेश दिए हैं।

उन्होंने जिले के सभी तहसीलदारों को संबंधित क्षेत्रों में वन, राज्य और काह चराई भूमि पर अवैध नामांतरण का एक हफ्ते के भीतर ब्योरा इकट्ठा करने को कहा है। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड से अवैध नामांतरण को खत्म करने का काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन


राजस्व रिकॉर्ड से खत्म किया जाएगा कब्जा
वित्तीय आयुक्त राजस्व ने सभी जिला उपायुक्तों को राजस्व रिकॉर्ड का ऑडिट करने के साथ वन, राज्य और काह चराई भूमि पर अवैध ढंग से किए गए नामांतरण के मामलों की शिनाख्त करने को कहा है। इसमें गैरमुमकिन खड के तहत नामांतरण को राजस्व रिकॉर्ड से खत्म किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें