नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो विवादास्पद लोक सुरक्षा कानून (पीएसए) कुछ ही दिनों में वापस लिया जाएगा। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा के छह महीने के लिये हिरासत में रखा जा सकता है।
आतंकवाद से ग्रस्त दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में एक सभा में यह घोषणा करते हुए उमर ने कहा कि वे राज्य के युवाओं को बिना मुकदमा चलाए महीनों तक सलाखों के पीछे नहीं देखना चाहते। इस कानून के तहत पकड़े गए बच्चों के माता-पिता रो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आए तो इस कानून का जाना तय है। अफस्पा को हटाने के लिए केंद्र सरकार से बात करनी होगी। इसके लिए बात की जाएगी। लेकिन जो अपने हाथ में है यानी पीएसए को हटाना वह तो किया ही जा सकता है।
राज्य के लोगों ने गठबंधन के रूप में कई विकलांग सरकारें देखीं। हमने ऐसी सरकारें देखी हैं जहां हम किसी की दया पर रहते हैं। स्थायी सरकार के लिए लोगों को एकजुटता दिखानी होगी और बहुमत की सरकार बनानी होगी, ताकि वह किसी के सहारे न रहे। वह छह साल मुख्यमंत्री रहे तो कांग्रेस के समर्थन से। गुलाम नबी आजाद भी गठबंधन में ही मुख्यमंत्री रहे। मुफ्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ्ती भी भाजपा के साथ सरकार में रहे। इसलिए लोगों को नेकां की पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी है। बदलाव स्वयं दिखने लगेगा।