दो महीने से अधिक समय से घाटी में चल रही हिंसा को भड़काने के मामले में 162 सरकारी मुलाजिमों को चिह्नित किया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। सभी संबंधित डीसी को इन पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। कुछ जिलों के डीसी ने ऐसे कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए हैं।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में फैली हिंसा में पत्थरबाजी की घटनाएं पिछले 75 दिनों से हो रही है। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सुरक्षा बलों पर पथराव किया जा रहा है ।
प्रशासन के पास वीडिय़ो मौजूद
Voilance in Kashmir
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सूत्रों का कहना है कि इसमें कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। हिंसा की आड़ में दफ्तर न जाकर पत्थरबाजों को भड़काने में इन कर्मचारियों के लिप्त पाए जाने की जिला प्रशासन को सूचनाएं मिलीं। कुछ कर्मचारियों के मामले में संबंधित जिला प्रशासन के पास सबूत के तौर पर वीडियो भी मौजूद हैं।
इन कर्मचारियों की ओर से अलगाववादियों के कैलेंडर का पालन करने तथा पत्थरबाजी करने के लिए युवाओं को भड़काया जा रहा है। साथ ही बच्चों को स्कूल-कालेज न जाने देने के लिए भी कहा जा रहा है।
हुर्रियत जी के प्रवक्ता पीएसए के तहत गिरफ्तार
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राज्य सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता घाटी में माहौल सामान्य करने की है। सरकार अपना काम कर रही है। जो भी इस दिशा में जरूरी है वह किया जा रहा है। चाहे इसके लिए लोगों से बात करनी हो या फिर पत्थरबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने का।
हिंसा के लिए जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कानून अपना काम कर रही है। ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने पत्थरबाजों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। हुर्रियत जी के प्रवक्ता अय्याज अकबर सहित दर्जनभर से अधिक लोगों को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है।
हंदवाड़ा में भी शामिल पाए गए थे कर्मचारी
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हंदवाड़ा में कुछ महीने पहले मुख्य चौराहे पर सेना के टावर को ढहाने के लिए उकसाने में भी कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। सेना के एक जवान की ओर से एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप के बाद भड़की हिंसा के बाद वहां टावर गिराया गया था। इन कर्मचारियों को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था।