जम्मू-कश्मीर से अलग होकर लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने पर प्रशासनिक मुखिया पद को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। वर्तमान में लद्दाख जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है जिसे इसी साल के शुरुआत में अलग डिवीजन का दर्जा दिया गया था।
प्रशासनिक और राजस्व डिवीजन बनने पर फरवरी 2019 को 2006 बैच के आईएएस अफसर सौगत बिस्वास को लद्दाख का पहला डिवकॉम (डिवीजनल कमिशनर) तैनात किया गया।
31 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट को लागू किया जा रहा है। इससे लद्दाख को अधिकृत रूप से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल जाएगा। इसके लिए बाकायदा लेफ्टिनेंट गवर्नर का नाम भी घोषित हो चुका है। ऐसे में लद्दाख डिवीजन का वजूद खत्म होते ही डिवकॉम का पद भी स्वत: खत्म हो सकता है।