जम्मू यूनिवर्सिटी 14वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाले तीन विदेशी बौद्ध बेहद खुश हैं। तीनों ने बौद्ध अध्ययन विभाग से पीएचडी हासिल की है। आज दीक्षांत समारोह की फाइनल रिहर्सल में म्यांमार (बर्मा) के बौद्ध भिक्षु यू. कोंडाला, थाईलैंड के फरमाहा चैंड्रोग तेहासी और फरमाहा थनरथ सारड्याम ने हिस्सा लिया।
रिहर्सल में शामिल होने से पहले तीनों बौद्ध भिक्षुओं ने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों उपाधि हासिल करना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि विभाग के पूर्व एचओडी डा. राकेश मिश्र, वर्तमान एचओडी डा. वैद्यनाथ लाभ एवं डा. रामानंद सिंह का उन्हें बेहतरीन मार्गदर्शन मिलता रहा। उन्होंने बताया कि जब हम लोग पहली बार भारत में खासतौर से जम्मू यूनिवर्सिटी के बौद्ध अध्ययन विभाग में आए तो स्थानीय विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया। यहां के नेहरू हास्टल में रहने का अनुभव सदैव याद रहेगा।
उल्लेखनीय है कि फरमाहा थनरथ साड्याम ने डा. रामानंद सिंह के निर्देशन में पीएचडी की है। उन्होंने पीजी थाईलैंड से एवं एमफिल दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी की थी। यू. कोंडाला म्यांमार ने डा. वैद्यनाथ लाभ के निर्देशन में पीएचडी की है। उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से पीजी किया है।
फरमाहा चैंड्रोग तेहासी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमफिल और थाईलैंड से पीजी किया है। उन्होंने बताया कि भारत के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा है क्योंकि महात्मा बुद्ध की यह पवित्र जन्मभूमि व तपोभूमि है। यह उनकी कर्मभूमि भी है।