जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के अध्यक्ष पद को लेकर गतिरोध थमता नहीं दिख रहा है। वर्ष 1980 से एसोसिएशन के प्रधान पद पर काबिज रहे डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं ही जेकेसीए का अध्यक्ष हूं और आगे भी बना रहूंगा।
उन्होंने मुफ्ती मोहम्मद सईद की गठबंधन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाए कि सरकार में कई गुंडा तत्व सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके क्रिकेट को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लेकिन उन्हें कानून पर पूरा विश्वास है।
मंगलवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए डा. फारूक ने कहा कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। जब उनके द्वारा उन शरारती तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवानी चाही, जिन्होंने जेकेसीए कार्यालय के ताले तोड़े तो पुलिस ने ऐसा करने से इंकार कर दिया।
थाने के एक पुलिस अधिकारी ने यहां तक कह डाला कि उन्हें पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श करना होगा। न्यायालय ने गत सोमवार को श्रीनगर में हुई जेकेसीए की असंवैधानिक तौर पर हुई वर्किंग कमेटी की बैठक और उसमें लिए गए फैसलों पर रोक लगा दी है।