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15 और कैदियों को छोड़ सकती है मुफ्ती सरकार

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रियासत पुलिस जेलों में बंद 15 और कैदियों को रिहा किए जाने को लेकर उनके मामलों की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के राजनीतिक बंदियों को रिहा करने के फैसले के तहत इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
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पुलिस की ओर से जिन 15 कैदियों की सूची गृह विभाग को सौंपी गई है, उनमें चार लोगों को पत्थर मारने, चार को लकड़ी की तस्करी करने, तीन को चोरी के मामलों में और चार अन्य को ड्रग्स की तस्करी करने के मामले में पकड़ा गया था।

इन सभी कैदियों को रिहा करने के मामले में कोई भी निर्णय करने के लिए पुलिस की ओर से गृह विभाग पर फैसला छोड़ा गया है।
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अब फकटू को छोड़ने की चर्चा

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई पर उठे बवंडर के बीच ही एक और कट्टर अलगाववादी आशिक हुसैन फकटू की रिहाई भी जल्द होने की चर्चा जोरों पर है। फकटू 22 साल से जेल में है। उस पर जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएन वांचू की हत्या का आरोप है।

आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के पूर्व शीर्ष कमांडर फकटू को उम्र कैद की सजा मिली है। फकटू ने अलगाववादी और दुख्तारन-ए-मिल्लत की प्रमुख सईदा आशिया अंद्राबी के साथ निकाह किया है। फिलहाल श्रीनगर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे फकटू की अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अगर फकटू को भी छोड़ा गया तो घाटी का माहौल बिगड़ सकता है। पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव उनकी जानकारी में नहीं है। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने गृह विभाग को स्पष्ट कर दिया है कि फकटू को नहीं छोड़ा जा सकता।
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