जम्मू। तवी के चारों पुलों सहित आसपास के क्षेत्र में धारा 144 लागू होने के बावजूद युवा राजपूत सभा की महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश के लिए भूख हड़ताल जारी रही। कड़ी सुरक्षा के बीच पांच सदस्यों को ही बैठने की अनुमति मिली है। उधर, सभा के सदस्यों ने धारा 144 लगाने के विरोध में बन तालाब, पलौड़ा, तालाब तिल्लो चौक, फलाएं मंडाल और पुरमंडल स्थित बीरपुर रोड पर प्रदर्शन कर रोष जताया है।
महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करवाने की मांग को लेकर शहर में दिनभर खूब गहमागहमी रही। युवा राजपूत सभा जम्मू के पांच सदस्यों को ही वीरवार को तवी पुल स्थित महाराजा की प्रतिमा का पास भूख हड़ताल पर बैठने की अनुमति मिली। साथ ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों की दिनभर तवी पुलों और धरना स्थल पर तैनाती रही। कार्यकर्ताओं सहित मीडियाकर्मियों को भी धरना स्थल पर नहीं आने दिया गया। सनद रहे कि डीसी ने बुधवार रात को तवी के चारों पुलों सहित आसपास के इलाके पर धारा 144 लागू कर दी है। वीरवार को युवा राजपूत सभा के सदस्यों को धरना स्थल पर नहीं जाने दिया गया। युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने बताया कि धारा 144 के विरोध में जम्मू के बन तालाब, पलौड़ा, तालाब तिल्लो चौक, फलाएं मंडाल और परमंडल स्थित बीरपुर रोड पर प्रदर्शन किए गए हैं।
तालाब तिल्लो चौक पर फूंका उप राज्यपाल का पुतला
बन तालाब में काकू सिंह के नेतृत्व में सदस्यों ने महाराजा की जयंती पर अवकाश घोषित करवाने के समर्थन और लागू धारा के विरोध में प्रदर्शन किया है। इस दौरान अखनूर जम्मू रोड पर आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा है। तालाब तिल्लो चौक पर विक्रमजीत के नेतृत्व में उप राज्यपाल का पुतला फूंक कर पलौड़ा-तलाब तिल्लो मार्ग बंद कर रोष जताया गया। फलाएं मंडाल में अभिषेक के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। पुरमंडल के बीरपुर रोड पर दीपक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रोष जताया है।
अवकाश मिलने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल
सभा के प्रधान राजन सिंह हैप्पी ने बताया कि महाराजा की जयंती पर अवकाश घोषित होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन ने बाधा डालने के लिए धारा 144 लगाई है। पांच लोगों को धरना स्थल पर बैठने की अनुमति मिली है। पुलिस की ओर से रात आठ बजे से पहले धरना स्थल छोड़ने के निर्देश मिले हैं। उपाध्यक्ष मंदीप सिंह चिब ने कहा कि धारा 144 लगा कर डोगरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। अवकाश के लिए गठित समिति की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। रिपोर्ट और अवकाश की घोषणा होने तक संघर्ष जारी रहेगा।