डोडा। सेना ने भगवा में चिकित्सा और पशु चिकित्सा शिविर के साथ गुज्जर और बक्करवाल मेला व घोड़े की दौड़ का आयोजन किया। इसमें घुड़सवारों ने करतब दिखाए। साथ ही सेना ने लोगों और उनके मवेशियों की जांच कर उपचार भी किया।
स्थानीय लोगों के जीवन को सुधारने और दूरदराज इलाकों में आबादी तक पहुंचने के लिए जारी अभियान के हिस्से के रूप में सेना ने डोडा के सुदूर भगवा क्षेत्र स्थित लालद्रामण के हरे भरे घास के मैदानों में गुज्जर व बक्करवाल मेला, घोड़ा दौड़, चिकित्सा और पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। सेना ने इस लोकप्रिय कार्यक्रम को ऊबड़-खाबड़ इलाकों में आयोजित करने के लिए एक महीने की लंबी तैयारी और निरंतर प्रयास किया।
दो दिनों में आयोजित घुड़दौड़ में कुल 72 गुर्जर और बक्करवाल घुड़सवारों ने भाग लिया। इस अनोखे आयोजन के लिए दूर-दूर से 1000 से अधिक लोग भी आए। चिकित्सा शिविर के दौरान पुरुष, महिला एवं बच्चों सहित कुल 376 गुज्जर एवं बक्करवाल को निशुल्क दवा एवं चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई। भेड़, बकरी, घोड़ों और मवेशियों सहित 158 जानवरों की भी जांच की गई और उन्हें चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए मनोरंजक खेल, लोक संगीत, वयस्कों के लिए नृत्य और मनोरंजन के खेल भी शामिल थे।
ग्रीष्मकाल की शुरुआत के साथ हर साल उधमपुर, रियासी, अनंतनाग, जम्मू और राजोरी जैसे क्षेत्रों से हजारों गुर्जर व बक्करवाल लालद्रामण में मवेशियों को चराने के लिए डोडा और इसके आसपास के क्षेत्रों के हरे भरे चरागाहों में आते हैं। आयोजन के दौरान डोडा के स्थानीय बैंड बैंड ऑफ डोडा के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था और स्थानीय संगीत को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए सेना ने विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों से लैस किया था।
डोडा। डोडा के क्षेत्र लालद्रामण में आयोजित घुडदौड़ में भाग लेते प्रतिभागी व मौजूद सैन्य अधिकारी- फोटो : UDHAMPUR
डोडा। डोडा के क्षेत्र लालद्रामण में आयोजित घुडदौड़ में भाग लेते प्रतिभागी व मौजूद सैन्य अधिकारी- फोटो : UDHAMPUR