जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को राफेल डील पर आए कोर्ट के फैसले पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ' जिस तरह से लोग राफेल डील पर फैसले का स्वागत कर रहे हैं और इसपर कोई उंगली नहीं उठी, उसी तरह उन्हें उम्मीद है कि जब बाबरी मस्जिद पर फैसला आएगा तो लोग उसका स्वागत करेंगे और सुप्रीम कोर्ट पर उंगली नहीं उठाएंगे।'
महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जब पंजाब से पाकिस्तान आने जाने के लिए करतारपुर का रास्ता खोला जा सकता है तो जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान के लिए रास्ता क्यों नहीं खुल सकता हैं। शुक्रवार को वह मुंबई में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं।
पीडीपी प्रमुख महबूबा ने कहा कि सिर्फ आर्थिक पैकेज देकर कश्मीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। महबूबा ने जम्मू कश्मीर में पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन समय की मांग है। महबूबा ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन खुदकुशी करने जैसा था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि मैं कश्मीर की समस्या का समाधान करना चाहता हूं लेकिन, दुर्भाग्यवश चुनाव हारने के बाद अटल जी की सरकार नहीं बनी। इसके चलते पाकिस्तान और अलगाववादियों के साथ चल रही बातचीत बंद हो गई।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा के साथ गठबंधन के लिए मेरे पिताजी (मुफ्ती मोहम्मद सईद) ने पहल की थी। वह कहते थे कि हम वाजपेयी के नक्शे कदम पर चलेंगे। हमें भरोसा था कि बाजपेयी जी ने जहां से बातचीत छोड़ी थी वहीं से बात आगे बढ़ेगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस गठबंधन ने हमारा सब कुछ छीन लिया।