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Leh Protest: 'सोनम वांगचुक ने भड़काऊ भाषण से भीड़ को उकसाया...', गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा

Wed, 24 Sep 2025 10:54 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, लेह

सार

तोड़फोड़, आगजनी और पथराव के बीच गुस्साए युवाओं ने भाजपा कार्यालय फूंक दिया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। मामले में गृह मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि सोनम वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया था।
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लेह में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा अनशन बुधवार को हिंसक आंदोलन में तब्दील हो गया। तोड़फोड़, आगजनी और पथराव के बीच गुस्साए युवाओं ने भाजपा कार्यालय फूंक दिया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। झड़पों में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। 30 पुलिस कर्मियों समेत 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मामले में गृह मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि सोनम वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया था। हिंसक घटनाओं के बीच, उन्होंने अपना उपवास तोड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यापक प्रयास किए बिना एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए।

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गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सोनम वांगचुक द्वारा 10 सितंबर 2025 को छठी अनुसूची और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई थी। भारत सरकार इन्हीं मुद्दों पर एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उच्चाधिकार प्राप्त समिति और उप-समितियों के औपचारिक माध्यम से और नेताओं के साथ कई अनौपचारिक बैठकों के माध्यम से उनके साथ कई बैठकें हुईं।

बातचीत की प्रक्रिया ने लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण को 45% से बढ़ाकर 84% करने, परिषदों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण प्रदान करने और भोटी व पुर्गी को आधिकारिक भाषा घोषित करने जैसे अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं। इसके साथ ही, 1800 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई। हालांकि, कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के तहत हुई प्रगति से खुश नहीं थे और संवाद प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश कर रहे थे। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अगली बैठक 6 अक्तूबर को निर्धारित की गई है, जबकि लद्दाख के नेताओं के साथ 25 और 26 सितंबर को भी बैठकें आयोजित करने की योजना है।

आग्रह के बावजूद भूख हड़ताल रखी जारी: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि जिन मांगों को लेकर वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, वह एचपीसी में चर्चा का अभिन्न अंग हैं। कई नेताओं द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह करने के बावजूद, उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखी और अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों का भड़काऊ उल्लेख करके लोगों को गुमराह किया।

30 से अधिक जवान घायल... शाम 4 बजे तक स्थिति काबू में आ गई: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने कहा, 24 सितंबर को सुबह लगभग 11.30 बजे उनके भड़काऊ भाषणों से उकसाई गई भीड़ भूख हड़ताल स्थल से निकली और एक राजनीतिक दल के कार्यालय के साथ-साथ लेह के सीईसी के सरकारी कार्यालय पर हमला किया। उन्होंने इन कार्यालयों में आग लगा दी, सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया और पुलिस वाहन को आग लगा दी। बेकाबू भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसमें 30 से अधिक पुलिस/सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए। भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करना और पुलिसकर्मियों पर हमला करना जारी रखा। आत्मरक्षा में, पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें दुर्भाग्य से कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है। सुबह-सुबह हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को छोड़कर, शाम 4 बजे तक स्थिति नियंत्रण में आ गई।

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कांग्रेस ने भड़काई लेह में हिंसा : पात्रा
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि लद्दाख में यह दिखाने की कोशिश की गई कि विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व जनरल जेड कर रहे हैं। जब जांच की गई, तो पता चला कि इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व जनरल जेड नहीं बल्कि कांग्रेस कर रही थी। कांग्रेस पार्षद स्टैनजिन त्सेपांग अपर लेह वार्ड से पार्षद हैं। वह मुख्य भड़काने वाले हैं। उनकी और उनके कार्यकर्ताओं ने हिंसा भड़काने की कई तस्वीरें सामने आई हैं। उन्हें हाथ में हथियार लेकर भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए भी देखा जा सकता है। वह भीड़ को उकसा रहे हैं और भाजपा कार्यालय को निशाना बना रहे हैं। भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर नेपाल और बांग्लादेश में हुई घटनाओं जैसी स्थितियों को बार-बार भड़काने का आरोप लगाया।
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