उड़ी में शहीद मुदासिर के परिजनों ने मुलाकात करते गृहमंत्री
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को अपने दौरे के बीच शहीद एसपीओ मुदासिर शेख के उड़ी स्थित घर पहुंचे। उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। वह मुदासिर की कब्र पर भी गए और कब्र पर फूलों की माला चढ़ाई। मुदासिर की शहादत के बाद उनके पिता मकसूद शेख ने बेटे की बहादुरी पर गर्व जताते हुए आतंकवाद की खुली निंदा की थी।
इस दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी उनके साथ थे। शहीद एसपीओ (अब कांस्टेबल) मुदासिर शेख ने इस वर्ष 25 मई को क्रीरी थाना क्षेत्र में अमरनाथ यात्रियों पर हमले की एक बड़ी वारदात को नाकाम करते हुए तीन विदेशी आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद वह शहीद हो गए थे। मारे गए तीनों आतंकी अमरनाथ यात्र को निशाना बना कर बड़ी तबाही के मंसूबों के साथ आए थे।
कश्मीरियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बना परिवार
मुदासिर की शहादत के बाद उनके पिता मकसूद शेख (जम्मू-कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त एसआई) ने आतंकवाद की खुली निंदा करते हुए अपने बेटे की शहादत को राष्ट्रीय बलिदान के रूप में मनाया। इसके बाद से यह परिवार पुलिस बल और कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत रहा है। मुदासिर अविवाहित थे और उनके परिवार में पिता के अलावा मां शमीमा बेगम, दो बहनें और तीन भाई हैं।
कब्र तक पैदल चढ़ाई चढ़कर पहुंचे शाह
शहीद मुदासिर के भाई बासित मसूद ने कहा कि गृह मंत्री उनक घर पहुंचे और परिवार के साथ दुख सांझा किया। उन्होंने कहा कि परिवार ने शहीद मुदासिर के किस्से गृह मंत्री के साथ सांझे किए। बासित ने बताया कि शहीद मुदासिर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उनके मुताबिक गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह परिवार के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। बासित ने बताया कि करीब 20 मिनट तक परिवार के बीच बैठने के बाद अमित शाह शहीद मदासिर की कब्र पर भी गए जो घर से करीब 25 मीटर की दूरी पर है। उन्होंने कहा कि अमित शाह कब्र तक पैदल चढ़ाई चढ़कर गए। उन्होंने भाई की आत्मा की शांति के लिए दुआ की और फूल भी चढ़ाए।