अपने मंसूबों में लगातार मिल रही नाकामी से बौखलाए हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर में अपना वजूद बनाए रखने के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की है। दो पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर के नेटवर्क को जबरदस्त चोट पहुंचाई है।
लश्कर के मददगार और स्लीपर सेल स्लीपिंग मोड में आ जाने से हिजबुल को अपनी ताकत बढ़ाने का यह अच्छा मौका नजर आ रहा है। उसे ताकत बढ़ाने के साथ-साथ कयूम जैसे बागियों से भी निपटना है।
सैयद सलाहुद्दीन से अनबन होने के बाद हिजबुल कमांडर अब्दुल कयूम नजर द्वारा अलग आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम बना लेने के बाद से दोनों के बीच जंग छिड़ गई है। पिछले दिनों घाटी में जिंदा पकड़े गए लश्कर आतंकी सज्जाद ने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि कयूम के ग्रुप के खात्मे की उसे जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
गृह विभाग की रिपोर्ट में हिजबुल की सक्रियता का जिक्र
राज्य के गृह विभाग की हालिया रिपोर्ट में हिजबुल नेटवर्क की सक्रियता का जिक्र है। पाकिस्तान और हाफिज सईद की शह पर घाटी में लश्कर की दमदार उपस्थिति से हिजबुल को अपना नेटवर्क संचालित करने में दिक्कतें आ रही थीं।
अब नावेद और सज्जाद के पकड़े जाने के बाद एनआईए, सुरक्षा एजेंसियां लश्कर के नेटवर्क को तहस-नहस करने में जुट गईं। लश्कर का नेटवर्क ध्वस्त होता देखकर हिजबुल ने सक्रियता बढ़ाई।
पूर्व आतंकियों, युवाओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया। उन्हें संगठन में शामिल कर आतंक के रास्ते पर चलने के लिए भड़काने के खुफिया एजेंसियों को इनपुट्स मिले हैं।
बेरोजगार युवाओं की हिज्ब भर्ती कर रहा है
डोडा से सरकारी हथियारों के साथ फरार दो पूर्व आतंकियों (मौजूदा एसपीओ) के भी हिजबुल में शामिल होने की खबर है। उनका अब तक पता नहीं चल पाया है। पहले भी वे हिज्ब के साथ जुड़े हुए थे। अब फिर से उनके कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं।
घाटी के साथ-साथ डोडा, रामबन, किश्तवाड़ में भी यह आतंकी संगठन अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है। घाटी में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की हिज्ब भर्ती भी कर रहा है।
उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर में एलओसी पर नौ सितंबर को हुई गोलाबारी की जिम्मेदारी भी हिजबुल ने ली थी। हिजबुल प्रवक्ता बुरहानुद्दीन ने दावा किया था कि उसके बार्डर स्क्वायड के मुजाहिदीनों ने चौकियों पर हमला किया था। ऐसे हमले जारी रहेंगे।