- मास्टर प्लान के उल्लंघन का मामला अदालत में लटका
- रियासी के डीसी और कटड़ा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को किया तलब
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने कटड़ा में रेलवे स्टेशन के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कटड़ा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी, नगर समिति कटड़ा के कार्यकारी अधिकारी और रियासी के जिला उपायुक्त को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई सात जुलाई, 2025 को होगी।
मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल की पीठ ने यह निर्देश जारी किया। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि वर्ष 2013 में अदालत ने कटड़ा शहर में हो रहे अवैध निर्माणों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में बांटा था। कुछ निर्माणकर्ताओं ने इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन उनकी याचिका 15 जनवरी 2014 को खारिज हो गई थी। बाद में उन्होंने पुनर्विचार याचिका दाखिल की, जो 30 जनवरी 2014 को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। इसके बाद भी सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन वह भी खारिज कर दी गई।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह मामला पिछले दस वर्षों से अदालत में लंबित है और इस दौरान अधिकारी कई हलफनामे दाखिल कर चुके हैं। फिर भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अवैध निर्माण न केवल मास्टर प्लान का उल्लंघन हैं, बल्कि कृषि भूमि के गैर कानूनी उपयोग और बिना अनुमति के निर्माण जैसे गंभीर मामलों को भी जन्म दे रहे हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हम आवश्यक समझते हैं कि संबंधित अधिकारियों को अदालत में तलब किया जाए, ताकि मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके और आगे की कार्रवाई की जा सके। जेएनएफ