हाईकोर्ट ने प्रीम कोर्ट के प्रमोद सूर्यभान पवार बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले का उल्लेख किया। कहा कि यदि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था और केवल संबंध बनाने के उद्देश्य से किया गया था तो वह सहमति अवैध मानी जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुरुष शादीशुदा होने की बात छिपाकर किसी महिला को शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाता है तो यह दुष्कर्म की श्रेणी में आएगा। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने दुष्कर्म व अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने की अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने राहुल सिंह की अर्जी पर दिया है।
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फतेहपुर निवासी याची पर पीड़िता ने दुष्कर्म व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। राहुल सिंह उसके संपर्क में आया और स्वयं को अविवाहित बताते हुए शादी करने का वादा किया। इस भरोसे में उसके साथ संबंध बनाए। जून 2024 में पता चला कि आरोपी शादीशुदा है। ट्रायल कोर्ट ने आरोपपत्र का संज्ञान लेकर याची के खिलाफ समन आदेश जारी किया था। याची ने आदेश सहित मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी।
हाईकोर्ट ने कहा
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रमोद सूर्यभान पवार बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले का उल्लेख किया। कहा कि यदि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था और केवल संबंध बनाने के उद्देश्य से किया गया था तो वह सहमति अवैध मानी जाएगा।