हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने धारमारी माहौर के डिवीजनल फारेस्ट अफसर को इलाके की तीन लकड़ी मिलों के पास लाइसेंस न होने पर उन्हें सील करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही वन विभाग के आयुक्त सचिव, डीएफओ धारमारी, एक्सईएन रियासी, आईजीपी, डीसी रियासी, एसएसपी रियासी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करने को कहा गया। अदालत ने यह आदेश इलाके के रोशन दीन की ओर से दायर रिट याचिका में दिया।
याचिकाकर्ता के वकील असीम साहनी ने अदालत को बताया कि बग्गा पंचायत में कांस्टेबल मंजूर अहमद, अब्दुल हमीद और जियाउल हक द्वारा गैरकानूनी ढंग से तीन मिलें चलाई जा रही हैं।
अथारिटी या अधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शिकायत पर एसडीपीओ ने जांच कर 18 नवंबर 2015 को अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें मिलें अवैध पाई गईं और उसमें बिजली कनेक्शन भी अवैध पाया गया।
फारेस्ट रेंज अफसर को जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रतिवादी को दो सप्ताह का नोटिस जारी किया और डीएफओ को तीनों मिलों को कानून के तहत सील करने को कहा।
वकील ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी कांस्टेबल मंजूर हुसैन चसाना थाने में तैनात है और एक पूर्व मंत्री का उस पर हाथ है। पहले वह पूर्व मंत्री का पीएसओ रह चुका है। इलाके में उसकी दहशत है और वह हरे पेड़ों की कटाई करवा रहा है। रेंज अफसर के साथ उसकी मिलीभगत भी है।