एक तरफ देश के बाहर पड़ोस में दुश्मन हैं, तो दूसरी तरफ इनके रूप में देश के भीतर दुश्मन हैं। जो आतंकवाद को बढ़ावा देने में लगे हैं। हिंसा फैलाकर माहौल खराब करते हैं। देश के विरोध में बात करते हैं। देश के लोगों का पैसा इनकी सुरक्षा में खर्च नहीं होना चाहिए।
बेशक सरकार की तरफ से आतंकवाद और अलगाववाद से निपटने के लिए पॉलिसी बनी होगी। लेकिन आम नागरिकों के पैसों का इन लोगों लोगों की सुरक्षा पर खर्च करने की कोई पालिसी नहीं हो सकती। आम लोगों का पैसा इनकी सुरक्षा पर खर्च करना बंद होना चाहिए।
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