- छात्र बोले निदेशक ने कहा आरोपी और पीड़िता का करवाया था समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रणवीर सिंह परिसर कोट भलवाल में 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला प्रकाश में आया है। विश्वविद्यालय के छात्रों के मुताबिक करीब 1 महीने पहले की घटना है ।दर्शनशास्त्र के एक शिक्षक ने छात्रा को अपना प्रेमी स्वीकार करने के लिए कहा और अश्लील बातें भी करने लगा। छात्रा ने परिसर के निदेशक प्रोफेसर मदन मोहन झा को लिखित में शिकायत दी। अधिक समय बीतने के बाद भी आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं हुई।जब विश्वविद्यालय के कई छात्रों को मामले का पता चला, तो उन्होंने निदेशक से पूछा कि छात्रा की लिखित में शिकायत मिलने पर आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई क्यों नहीं की। छात्रों के अनुसार निदेशक ने उन्हें जवाब दिया कि पीड़िता और आरोपी शिक्षक का समझौता करवाया गया है। आरोपी को समझाया गया है कि उसकी दोबारा इस तरह से शिकायत नहीं आनी चाहिए। छात्रों ने कहा कि वीरवार शाम सात बजे तक उनकी निदेशक के साथ बैठक हुई है। अतिथि संकाय के तौर पर सेवाएं दे रहा एक अध्यापक भी बैठक में शामिल हुआ। वह जांच समिति का सदस्य नहीं और न ही उसे किसी ने न्यौता दिया था। उन्होंने कहा कि आवाज़ बुलंद करने पर अतिथि संकाय शिक्षक ने उनके खिलाफ पत्र लिखा और उन्हें विश्वविद्यालय से हटाने या किसी अन्य कैंपस में दाखिला तब्दील करने की धमकी दी है। छात्रों ने कहा कि पत्र पर अन्य शिक्षकों के हस्ताक्षर भी करवाए गए हैं।अब पत्र केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली भेजा जाएगा। आरोप है कि पत्र में लिखा है कि बीते छह महीने से कुछ छात्र परिसर में अशांति का माहौल बना रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि छह महीने पहले भी एक शिक्षक इंदिरा थियेटर में एक छात्रा के साथ पकड़ा गया था।उस पर कार्रवाई करने के बजाए उसे लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थानांतरित किया गया है। छात्रों के अनुसार अनुबंधित आधार पर कार्यरत एक शिक्षक ने उन्हें बैठक में मामला दबाने का सुझाव दिया।जब वे नहीं माने तो उसने छात्रों को आरोपी बनाया और जो आऱोपी शिक्षक है।उसे थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहने लगा।।छात्रों ने कहा कि जब उन्होंने निदेशक को चेतावनी दी कि आरोपी पर कार्रवाई नहीं की गई तो शुक्रवार सुबह गेट बंद करेंगे।इतना बोलते ही निदेशक मदन मोहन झा ने पुलिस स्टेशन फोन किया और पुलिस को बुलाया। पुलिस ने सभी को शांत किया और आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। कार्रवाई की जाएगी। देर शाम को परिसर में पहुंची पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया और न ही प्राथमिकी दर्ज की है। छात्रों के अनुसार शुक्रवार को कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिजनों से बातचीत हुई है।
इनसेट
संस्थान में पढ़ाई करवा रहे शिक्षक डा योगिंदर दीक्षित ने कहा कि करीब दो महीने पहले का मामला है। ओडिशा के नव नियुक्त शिक्षक हैं। उन्हें भाषा की समस्या है। उन्होंने कुछ शब्द बोले हैं। लेकिन छात्रा ने उन्हें निगेटिव दृष्टि से लिया है। उन्होंने कहा कि जिस शिक्षक पर आरोप लगाया है। उसने छात्रा के परिजनों से भी मुलाकात की है।डा योगिंदर के अनुसार वह परिसर के अंदर ही रहते हैं। पुलिस परिसर में नहीं आई है। छात्रों ने योगिंदर पर धमकाने का आरोप लगाया है। लेकिन उन्होंने इस बारे में नहीं बताया।बाकी जानकरियां को गोपनीय रखा है।यह भी नहीं बताया कि वह बैठक में शामिल रहे हैं।
कोट
परिसर के निदेशक प्रोफेसर मदन मोहन झा से मामले के बारे में जानना चाहते थे। पहले तो उनका फोन व्यस्त आया। लेकिन नंबर पहचान कर उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ किया। कोई जवाब नहीं दिया है।अगर वह मामले के बारे में अपना पक्ष रखेंगे तो प्रकाशित किया जाएगा।