जीएमसी में शनिवार को दो दिनी कांटिन्यूइंग मेडिकल एजूकेशन (सीएमई) एवं वर्कशाप और नार्थ स्टेट चैप्टर आफ अनाटिमिकल सोसायटी आफ इंडिया (एनएससीएएसआई) की नौंवी वार्षिक कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कान्फ्रेंस में उत्तर भारत से पचास प्रतिनिधि शिरकत करके अपने अनुभवों का आदान प्रदान करेंगे।
इस दौरान अनाटिमिकल चिकित्सा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। पहले दिन अनाटिमिस्ट पर कई लेक्चर पढ़े गए। इस दौरान कान्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने कहा कि ऐसी सीएमई और कान्फ्रेंस से चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा के साथ अनुभवों को साझा करने का मौका मिलता है। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
इसमें वैज्ञानिक स्तर पर चिकित्सा से जुड़े कई समस्याओं का हल किया जाता है। इससे पूर्व मंत्री ने पीजी विभाग पैथोलाजी में हीमोफिलिया मरीजों के लिए हीमोफिलिया केयर सेंटर का उद्घाटन किया। बीस लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए इस केंद्र में ट्रामा के दौरान गंभीर हीमोफिलिया मरीजों को उचित चिकित्सा दी जा सकेगी।
सेंटर में राउंड द क्लाक इमरजेंसी और कैजुअलटी सेवाएं जारी रहेंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने जीएमसी के ग्राउंड लेबल पर कैंटीन के साथ नई लिफ्ट और एक ड्रग स्टोर का उद्घाटन भी किया। इस दौरान प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता, अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल आदि मौजूद रहे।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में चैंबर्स आफ कामर्स की ओर से पाक गोलाबारी पीड़ितों के लिए तीन लाख रुपये की दवाइयों की खेप को रवाना किया। इस दौरान मंत्री ने 102 नंबर एंबुलेंस सेवा का भी औचक जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य निदेशक डा. बलजीत सिंह पठानिया, डा. गुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।