श्रीनगर। एसआरओ-43 (विध्वंसक) 1994 के तहत लंबित मामलों के संबंध में हितधारकों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन श्रीनगर ने हेल्पलाइन स्थापित की है। उपायुक्त/जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर के कार्यालय में इस बाबत एक नियंत्रण कक्ष/सहायता डेस्क बनाया गया है। यह पहल जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की घोषणा के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद पीड़ितों के आश्रितों को नौकरियां प्रदान की जाएंगी और लंबित मामलों को दुबारा से उठाया जाएगा ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले भर के आतंकवाद प्रभावित परिवारों की शिकायतों के पंजीकरण और समाधान को सुगम बनाना है ताकि संबंधित हितधारकों की सहायता के लिए 1994 के एसआरओ-43 के तहत आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में मारे गए नागरिकों/सशस्त्रबलों के परिजनों के मामलों का त्वरित निपटारा किया जा सके।
श्रीनगर के उपायुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोग आपातकालीन संचालन केंद्र से लैंडलाइन नंबर 0194-2457543 और 0194-2457552 तथा व्हाट्सएप नंबर 9103998355, 9103998356 और 9103998357 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि हेल्पडेस्क/नियंत्रण कक्ष श्रीनगर के सहायक आयुक्त राजस्व उमर गुलज़ार की देखरेख में कार्य करेगा।