आईएस के पहले हमले के दावे के बाद घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों तथा महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है। इसके साथ ही घाटी में फिदायीन हमले का खतरा बढ़ा है।
लेह हवाई अड्डे पर फिदायीन हमले की साजिश रचे जाने के इनपुट मिले हैं। हाल ही में एयरोनाटिकल की पढ़ाई कर रहे कुछ कश्मीरी छात्रों को लश्कर द्वारा झांसे में लेकर हमले की साजिश का ताना बाना बुनने के इनपुट हैं।
सूत्रों ने बताया कि जनाजे में आतंकियों के शव को काले झंडे में लपेटने, आईएस के झंडे लहराने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में फिदायीन हमले का खतरा जताया है। जकूरा हमले के लिए आईएस के दावे को भी सुरक्षा एजेंसियां नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। हालांकि, पुलिस ने आईएस की घाटी में मौजूदगी से अब भी इनकार किया है।
सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन आलआउट के तहत आतंकियों के लगातार सफाये से बौखलाए लश्कर ने सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए फिदायीन हमले की साजिश रची है। कश्मीर में चूंकि सुरक्षा बलों की ओर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
इस वजह से लेह हवाई अड्डे को निशाना बनाने के लिए चुना गया है। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने में आसानी रहेगी और भारी नुकसान भी पहुंचाया जा सकेगा।