मंगलवार शाम को जम्मू जिले के पलांवाला सेक्टर के केरी क्षेत्र में पाकिस्तानी गोलीबारी में सेना के छह जवान घायल हो गए। उनकी पहचान सिपाही ज्योतिष यादव, सिपाही राहुल कुमार यादव, लांस नायक तराईदीप देयुरी, सिपाही अजरुद्दीन, सिपाही अजय सिंह तथा सिपाही अशोक चौधरी के रूप में हुई है।
घायल सभी जवान सेना की 52 मीडियम रेजीमेंट के जवान हैं। सभी को एयरलिफ्ट कर अखनूर स्थित सेना अस्पताल लाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जाती है। इससे पहले पाकिस्तान ने पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में सेना की अग्रिम चौकियों और बसूनी, सनदोत, भनेतर, बालाकोट, डेरी, डिबसी आदि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए गोले दागे।
इसमें दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। धमाकों की आवाज 70 किलोमीटर दूर पुंछ नगर तक सुनाई दी। इसके बाद कृष्णा घाटी समेत नौशेरा सेक्टर समेत पुखरनी, सरया, नंब, कड़ाली, बाबा खोड़ी, कलाल, पोखरा, मीनका महादेव आदि रिहायशी इलाकों में फायरिंग की गई।
पाक सेना मकानों से दाग रही गोले
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ग्रामीणों को ढाल बनाकर रिहायशी इलाकों में मकानों से गोलाबारी करती देखी गई। गांवों में मकानों से मोर्टार तथा मिसाइल दागे जा रहे थे। प्रवक्ता के अनुसार पाकिस्तान हताशा में शाम साढ़े छह बजे के बाद भारी हथियारों से गोलाबारी कर रहा है।
15 कोर की बिजली सप्लाई बंद की
श्रीनगर में 15 कोर मुख्यालय के कुछ इलाकों में एहतियातन मंगलवार की रात बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका में यह कदम उठाया गया है। क्योंकि बत्ती रहने से इलाके की पहचान करने में आसानी हो सकती है।
बीएसएफ की कार्रवाई में रेंजर ढेर
आईबी पर कानाचक्क सेक्टर में पाकिस्तान को सीजफायर का उल्लंघन करना महंगा पड़ गया। बीएसएफ की 89 बटालियन की जवाबी कार्रवाई में उसका एक रेंजर ढेर हो गया। रेंजर पाकिस्तान की 2 चिनाब रेजीमेंट का था। सोमवार को पाकिस्तान ने अखनूर के कानाचक्क सेक्टर में बीएसएफ की गोलपत्तन पोस्ट पर फायरिंग की थी।
यह फायरिंग पाकिस्तान की कुल्लियां वजीर पोस्ट से सोमवार को पहले 11 बजे और फिर दोपहर 01 बजे से शाम 04 बजे तक की। बीएसएफ ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। इस कार्रवाई में पाकिस्तानी रेंजर के मारे जाने की पुष्टि मंगलवार को पाकिस्तान के समाचार पत्रों से हुई। गोलाबारी के बाद से सीमा सुरक्षा बल के जवान और भी चौकस हो गए हैं। सीमावर्ती ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।