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एलओसी पर पाक के धमाकों से हिली धरती, दहशत में सीमांत गांवों के लोग

Sat, 29 Oct 2016 03:15 PM IST
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू
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सीजफायर तोड़ रहा है पाकिस्तान - फोटो : File Photo
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यह धमाका मोर्टार का नहीं था। पूरा गांव भूकंप के झटके जैसे थर्रा उठा। धुएं का बड़ा सा गुबार गांव पर छा गया। ऐसा लगा पाकिस्तान ने एटम बम से हमला कर दिया है। हर कोई अपने आसपास मौत की दस्तक को महसूस कर रहा था। धुएं का गुबार उठते ही एक के बाद एक जोरदार धमाकों ने घरों की दीवारें तक हिला दीं।
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किसी से इतना साहस भी न हुआ कि घर से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थानाें की पनाह ले सकें। मौत को करीब से देखने जैसा अनुभव साझा करते गिगड़ियाल गांव के ग्रामीण सिहर उठते हैं।पलांवाला सेक्टर के गिगड़ियाल गांव पर शुक्रवार की सुबह बरपा कहर बयान करते ग्रामीणों में कंपकंपी छूटती रही।

महिलाओं और बच्चों के चेहरे तो सदमे में होने जैसे भाव देते नजर आए। सेना की आर्टिलरी ब्रिगेड में सेवा दे चुके पूर्व सैनिक भगवान सिंह ने बताया कि वीरवार रात से ही आसपास के गांवाें से धमाकों की आवाज आ रही थी। सुबह करीब 8:30 बजे उनके गांव पर भी कहर बरपा। 
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'पाकिस्तान ने नए तरीके के बम बरसाए'

सीजफायर तोड़ रहा है पाकिस्तान - फोटो : PTI
भगवान सिंह सहित चैन सिंह और भगवान दास ने बताया पाकिस्तान के साथ वर्ष 1965, 1971 की जंग समेत कारगिल युद्ध 1999 के दौरान भीषण बमबारी देख चुके हैं, लेकिन इस बार गांव में पाकिस्तान ने नए तरीके के बम बरसाए।

पहले धमाके के साथ जोरदार आवाज हुई, जिसके साथ ही धुएं का बड़ा सा गुबार आसमान की ओर उठा। सभी ने समझ लिया कि पाकिस्तान ने एटमी हथियार का इस्तेमाल कर दिया है, लेकिन जिस तरह से इसके बाद बड़ी तबाही वाले बम बरसाए गए उससे पहला बम अनुमान देने की तकनीक मालूम हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि अमूमन गोलाबारी के दौरान पाकिस्तान 80 से 82 एमएम के मोर्टार दागता है।

इस बार मोर्टार भी 180 से 182 एमएम के बरसाए जा रहे हैं। मोर्टार के अलावा आर्टिलरी गोले जैसे दिखने वाले बम बरसाए जा रहे हैं। ये गोले जमीन की सतह पर नहीं, बल्कि भीतर घुसकर धमाका कर रहे हैं।
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