यह मकान राजनी सलोत्रा का था। इमारत में कुछ महीने पहले दरारें आने के बाद वह अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहने लगी थीं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने, खाली और जर्जर मकानों का सर्वे कराने और मानसून के दौरान हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
कई इलाकों में घरों और दुकानों में घुसा पानी
भारी बारिश के बाद जम्मू के तल्लाब तिल्लो, भगवती नगर, कृष्णा नगर और कैनाल रोड समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगह बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। लोगों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या सामने आती है।
जलभराव के कारण शहर में कई जगह यातायात भी प्रभावित हुआ। जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भगवती नगर के पास, जम्मू-आरएस पुरा मार्ग पर कुलियां और बजालता रोड पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जम्मू-किश्तवाड़ हाईवे पर मलबा गिरने से यातायात बंद
भारी बारिश के चलते रागी नाला के पास मलबा आने से जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया। सड़क को साफ करने और यातायात बहाल करने के लिए काम जारी रहा। वहीं, डोडा जिले के ठाठरी इलाके में भी अचानक बाढ़ की खबर मिली किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
जम्मू में सबसे ज्यादा 66 मिमी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में जम्मू में 66 मिमी बारिश दर्ज की गई जो जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक रही। उधमपुर में 56 मिमी, पुंछ में 45 मिमी, कोकरनाग में 42 मिमी और काजीगुंड में 32.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने रविवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। 24 से 28 अगस्त तक मौसम गर्म और उमस भरा रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर सुबह और दोपहर के समय बारिश या गरज-चमक के दौर आ सकते हैं।
29 से 31 अगस्त के बीच भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज स्थानीय बारिश के कारण अचानक बाढ़, मलबा गिरने और भूस्खलन का खतरा पैदा हो सकता है।