कश्मीर घाटी में सैलाब गुजरने के एक महीने बाद भी उजड़े हुए घरौंदों को फिर से बसाने की चिंता ईद के दिन भी बाढ़ पीड़ितों के चेहरों पर साफ दिखाई दी।
आज से ठीक एक महीना पहले हमेशा शांत रहने वाली झेलम के रौद्र रूप ने शहर के पॉश इलाकों राजबाग, जवाहर नगर, खुरसू, महजूर नगर, गोगजी बाग, लाल चौक आदि इलाकों में कहर बरपा दिया था।
लोगों के आशियानों से लेकर व्यापार तक को भारी क्षति पहुंची थी। उस कहर के असर से आज तक जनजीवन पटरी पर नहीं आ पाया है। बाढ़ के कई दिन बाद भी ईद के पावन मौके पर हमेशा व्यस्त रहने वाले राजबाग, जवाहर नगर आदि इलाकों में ईद की नमाज तक अता नहीं की गई।
ईद पर भी इन इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। बाढ़ से क्षति को झेलने वाली अवाम में भी ज्यादा उत्साह नहीं देखा गया। अलबत्ता पुराने शहर में कई जगहों पर ईद की नमाज अता की गई। ईद पर भी लोग घरों, दुकानों आदि की साफ-सफाई में जुटे रहे। नये सिरे से जिंदगी शुरू करने की चिंता लोगों में साफ दिखाई दी।