-इमरजेंसी वार्ड-1 और 7 में की गई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राजकीय मेडिकल काॅलेज (जीएमसी) प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत कर दिया है। लू और डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए इमरजेंसी वार्ड में 40 से अधिक बेड आरक्षित किए गए हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह व्यवस्था वार्ड-1 और वार्ड-7 में की गई है जहां मरीजों के लिए आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। डिहाइड्रेशन, उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर बच्चों में पानी की कमी और उल्टी-दस्त की शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं।
अस्पताल में रोज 30 से 40 मरीज केवल गर्मी से जुड़ी समस्याओं के चलते उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। प्राथमिक इलाज के बाद अधिकांश मरीजों को घर भेज दिया जाता है। ओपीडी में रोज 1,000 से अधिक और इमरजेंसी में 600 से ज्यादा मरीजों को चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं।
सुपरिंटेंडेंट डॉ. बीरेंद्र त्रिशल ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव और तेज गर्मी से मरीजों की संख्या बढ़ रही है इसलिए पहले से ही पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
खानपान और दिनचर्या में बरतें सावधानी
विशेषज्ञों ने गर्मी में खानपान और दिनचर्या को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. परवीन जोगराज के अनुसार
- ताजे फल और घर का बना भोजन ही करें।
-जंक फूड और बासी खाने से परहेज रखें।
-तेज धूप से आने के तुरंत बाद पानी न पिएं।
-कुछ देर आराम करने के बाद ही धीरे-धीरे पानी पिएं।