- अस्पतालों में चिकित्सा स्टाफ की कमी से विकट परिस्थितियों में सेवाएं दे रही हैं नर्सें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद नर्सों को उम्मीद जगी थी कि अब जम्मू संभाग से भी किसी नर्स को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा, लेकिन अभी तक यहां से किसी भी नर्स को यह सम्मान नहीं मिल पाया है। नर्सों में नाराजगी है कि लंबे समय से इस अवार्ड के लिए कश्मीर की नर्सों को ही तवज्जो दी गई है। इसके साथ अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते विकट परिस्थितियों में मौजूदा नर्सिंग स्टाफ सेवाएं दे रहा है। स्टाफ की कमी से रोगी चिकित्सा देखभाल पर भी असर पड़ता है।
जम्मू कश्मीर में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर नर्सिंग क्षेत्र की पहली नर्स नाइटिंगेल काफ्लोरेंस की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रोगी चिकित्सा देखभाल में नर्सिंग स्टाफ रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहा है। लेकिन इस स्टाफ की भी कई ज्वलंत मांगें हैं जिन पर उचित गौर नहीं किया गया है। हाल ही में स्वास्थ्य सचिव की ओर एक आदेश में अस्पतालों में चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटी समय सारिणी को बढ़ाकर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कर दिया गया था। लेकिन नर्सिंग स्टाफ इससे खफा है। उनका मानना है कि नर्सिंग स्टाफ को ड्यूटी के साथ घर को भी देखना होता है। लेकिन ड्यूटी का समय बढ़ने से यह सारी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसमें शारीरिक और मानसिक दबाव भी बढ़ा है, लिहाजा विभाग को नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी समय सारिणी को सुबह 10 से शाम 4 या 5 बजे तक कर देना चाहिए। जनसंख्या में वृद्धि से लगभग हर क्षेत्र में मरीजों का लोड भी बढ़ा है। लेकिन कई ऐतिहासिक और पुराने अस्पतालों में अभी भी पुराने सृजित स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा एसएमजीएस अस्पताल की बात करें तो यहां मौजूदा 750 बिस्तरों पर पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ नहीं है। नतीजतन मरीजों की वृद्धि से लेबर रूम, आपात केंद्र सहित अन्य प्रमुख वार्डों में एक ही बिस्तर पर दो या तीन मरीज रखे जा रहे हैं और इस सारी व्यवस्था में नर्सिंग स्टाफ पर चिकित्सा देखभाल का लोड बढ़ा है। नर्सों का कहना है कि सभी अस्पतालों में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ को तैनात किया जाए। एसएमजीएस अस्पताल की चीफ मेटरन पवनजीत कौर का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ की मांगों पर उचित कदम उठाए जाने चाहिए, इससे रोगी चिकित्सा देखभाल में और सुधार आएगा। वहीं, एसएमजीएस अस्पताल में सोमवार को नर्सिंग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शहर के अन्य अस्पतालों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
नर्सिंग पेशे की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद किया
जम्मू। राजीव गांधी कालेज ऑफ नर्सिंग में हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, देखभाल की आर्थिक शक्ति, विषय पर अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस दौरान नर्सिंग पेशे की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद किया गया। नर्सिंग दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक गतिविधियों के साथ सेमिनार, कार्यशालाएं, वाद-विवाद आदि आयोजित किया गया। शनिवार को कालेज परिसर में शनिवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल मंजू वी नायर (डिप्टी प्रिंसिपल मैट्रन) सैन्य अस्पताल ने नर्सिंग पेशे के व्यापक दायरे पर जोर दिया। उन्होंने नर्सिंग पेशे में पुरुष छात्रों के नामांकन की सराहना की। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि पवनदीप कौर (मुख्य मैट्रन, एसएमजीएस अस्पताल) ने कहा कि यह पेशा समय की मांग है। एमएस कटोच (अध्यक्ष, आरजीसीएन) ने कॉलेज द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। इस मौके पर प्रोफेसर रफीका बशीर (प्रिंसिपल), अभिमन्यु कटोच (एमडी) आदि मौजूद रहे। ब्यूरो