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J&K: कश्मीर में पांच जिले टीबी मुक्त, एआई-आधारित प्रणाली शुरू, परीक्षण तीन गुना बढ़ाया, 2025 तक ये लक्ष्य

Thu, 28 Mar 2024 03:14 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

पिछले छह वर्षों में कश्मीर में कुल 21,462 टीबी के मामले सामने आए हैं। 2018 में, 4,774 मामले थे, जो 2019 में घटकर 4,080 हो गए। कोविड-19 महामारी के बीच स्क्रीनिंग कम होने के कारण 2020 में यह संख्या घटकर 2,840 हो गई।
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स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से कश्मीर में तपेदिक (टीबी) के मामलों में गिरावट आई है। अधिकारियों ने 2025 तक जम्मू-कश्मीर को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि टीबी के मामले कम हो रहे हैं और अधिक जिलों में हर दिन सुधार दिख रहा है। 

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पिछले छह वर्षों में कश्मीर में कुल 21,462 टीबी के मामले सामने आए हैं। 2018 में, 4,774 मामले थे, जो 2019 में घटकर 4,080 हो गए। कोविड-19 महामारी के बीच स्क्रीनिंग कम होने के कारण 2020 में यह संख्या घटकर 2,840 हो गई। 2022 में, 3,376 टीबी मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 2,956 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 400 मामले कम हैं।

दक्षिण कश्मीर के चार जिलों - अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा सहित मध्य कश्मीर के बडगाम ज़िले को पहले ही टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। कुल मिलकर देखें तो कश्मीर सभाग के दस में से पांच जिलों को टीबी मुक्त करार दिया गया है। 
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राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. अदफर कादरी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर ने स्वास्थ्य सेवा में एक मिसाल कायम की है। पांच जिलों को पहले ही टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, श्रीनगर को पिछले साल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था, जबकि केंद्र शासित प्रदेश को कांस्य पदक मिला था। अधिकांश अन्य जिलों ने यथास्थिति बरकरार रखी है। बडगाम को 2021 में टीबी मुक्त घोषित किया गया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी उन्मूलन में विशिष्ट मील के पत्थर हासिल करने वाले जिलों और राज्यों को मौद्रिक पुरस्कार और प्रमाणन प्रदान करके टीबी की घटनाओं को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। 

भारत में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित डायरेक्टली ऑब्जर्व्ड ट्रीटमेंट शॉर्ट कोर्स स्ट्रैटेजी (डॉट्स) प्रणाली के माध्यम से मुफ्त टीबी उपचार प्रदान करता है। यह प्रणाली राष्ट्रीय डेटाबेस में योगदान करते हुए मरीजों की संक्रमण स्थिति, गंभीरता और उपचार की प्रगति को ट्रैक करती है।

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