- ऊंचाई पर चलने से 75 फीसदी लोगों में होती एएमएस बीमारी
- ऑक्सीजन के दबाव में जलवायु व अन्य कारकों के साथ सामंजस्य बनाना होता कठिन
जम्मू। जिन लोगों को ऊंचाई में चढ़ने पर दिक्कत होती है। उनमें से ज्यादातर लोगों को एक्यूट माउंटेन सिकनेस (एएमएस) बीमारी हो जाती है। 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर चलने से 75 फीसदी लोगों में इसके हल्के लक्षण मिलते हैं। ऑक्सीजन के दबाव में जलवायु और अन्य कारकों के साथ ऊंचाई पर सामंजस्य बनाना बेहद कठिन होता है। इसलिए धीरे धीरे चढ़ाई करनी चाहिए।
यह बात जीएमसीएच के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा ने हृदय जागरूकता स्वास्थ्य जांच शिविर में कही। उन्होंने पुरानी मंडी स्थित मंदिर में आयोजित शिविर में कहा कि ऊंचाई पर जाने और चलने से ह्दय को कई प्रकार के कारकों से सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या उन लोगों को होती है, जो पहले से कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित होते हैं। डॉ. सुशील ने बताया कि अधिक ऊंचाई पर सुरक्षित यात्रा के लिए धीरे-धीरे चढ़ाई करनी चाहिए, ताकि शरीर को ऑक्सीजन के निचले स्तर के साथ तालमेल बैठाने का समय मिल सके। अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना चाहिए। यात्रा के दौरान कपड़े पहनें। शराब, धूम्रपान और नींद की गोलियों जैसी दवाओं से दूर रहें। शिविर की मंदिर प्रबंधन समिति के महंत रमेश्वर दास, डॉ. सत्यनारायण दास, पूर्व सांसद शमशेर सिंह मन्हास, डीडीसी उपाध्यक्ष सूरज सिंह, पार्षद अनीता शर्मा ने सराहना की। डॉ. यशवंत शर्मा, डॉ. केवल शर्मा, राघव राजपूत, राजकुमार, राजिंदर सिंह, जतिन भसीन, जमशेद अली, विकास कुमार, अमन गुप्ता, रजनीश, परमवीर सिंह शामिल रहे।