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Jammu News: गैर संचारी रोगों में बढ़ रहा कैंसर का दायरा

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- कीटनाशक का बढ़ता प्रभाव भी इसके लिए जिम्मेदार, विधानसभा में पेस्टिसाइड नीति बनाने की उठ चुकी है मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में गैर संचारी रोगों में तेजी से कैंसर का दायरा बढ़ रहा है। कृषि व बागवानी में अनियोजित व अनियंत्रित तौर पर कीटनाशक दवाओं के बढ़ते प्रभाव ने भी कैंसर मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ डाॅक्टर मानते हैं कि कीटनाशकों का प्रभाव धीरे-धीरे मानव शरीर पर पड़ता है और एक समय आकर यह कैंसर का कारण भी बन जाता है। विधानसभा में भी विधायकों की ओर से जम्मू-कश्मीर में पेस्टिसाइड नीति बनाने की मांग की जा चुकी है।
अमूमन खेतों में कीटनाशक दवाओं का न्यूनतम स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सब्जियों, फलों को साफ करने के बावजूद कई कृषि उत्पादों के भीतर तक यह कीटनाशक पहुंच जाता है। कृषि विभाग जम्मू के निदेशक एएस रीन के अनुसार, किसानों को तय मात्रा में कीटनाशक का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाता है। अगर यह निर्धारित मात्रा से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है तो इसके प्रभाव से मानव शरीर पर असर पड़ता है। जीएमसी जम्मू के कैंसर विशेषज्ञ डाॅ. राहुल शर्मा कहते हैं कि अधिक कीटनाशक का प्रयोग कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है। लेकिन सीधे तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में हर साल 2 से 3 प्रतिशत कैंसर मामलों में वृद्धि हो रही है।
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निर्धारित मात्रा से अधिक कीटनाशक के प्रयोग से टाॅक्सिन फैलता है। कई सब्जियां और फल ऐसे हैं, जिन्हें धोने के बाद भी न्यूनतम स्तर का टाॅक्सिन उनके भीतर रहता है। जब इस टाॅक्सिन का कोई व्यक्ति नियमित तौर पर सेवन करता है तो उसमें कैंसर की आशंका रहती है।
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डाॅ. प्रवीण योगराज, पूर्व चिकित्सा अधीक्षक, गांधीनगर अस्पताल
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जीएमसी जम्मू में हर साल
दो हजार नए मामले आ रहे
जम्मू। जीएमसी जम्मू में हर साल दो हजार से अधिक नए कैंसर के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। प्रदेश में कैंसर की कुल मौतों में से 50 प्रतिशत के लिए पुरुषों में मुंह, फेफड़े और महिलाओं में सर्वाइकल (ग्रीवा) तथा स्तन कैंसर जिम्मेदार है। अस्पतालों में 50 प्रतिशत से अधिक मामले एडवांस स्टेज (3-4 स्टेज वाले गभीर मामले) में पहुंच रहे हैं, जिनमें देरी से चिकित्सा शुरू होने पर पीड़ित को बेहतर परिणाम नहीं मिल पाते हैं

वर्ष कश्मीर संभाग जम्मू संभाग
2018 6649 2334 (कैंसर मामले)
2019 6374 2099
2020 6113 1718
2021 7090 1762
2022 7846 1726
2023 8124 2023
2024 8355 2237
कुल 50551 13912
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