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Jammu News: एम्स जम्मू में अगले हफ्ते से ओपीडी सेवा

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- पहले चरण में 20 स्पेशियलिटी और नौ सुपर स्पेशियलिटी विभागों में मिलेगी सेवाएं
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- मरीज ऑनलाइन ले सकेंगे अपाॅइंटमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रतिष्ठित एम्स जम्मू (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में अगले हफ्ते से मरीजों के लिए ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवा शुरू की जा रही है। संभावित एक अगस्त से इस सेवा को शुरू किया जा सकता है। पहले चरण में स्पेशियलिटी में 20 और सुपर स्पेशियलिटी में नौ विभागों में ओपीडी होगी। एम्स में कुल 50 विभागों में 26 सामान्य और 24 सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित हैं। ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी मरीज को ओपीडी के लिए अपाॅइंटमेंट मिल सकेगी।
एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डाॅ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने बताया कि ओपीडी के साथ मरीजों को लेबोरेटरी, रेडियो डायग्नोसिस और दूसरी जरूरी सेवाएं मिलेंगी। एम्स में पहले से ड्राई रन में रोजाना 150 से 200 मरीजों को देखा जा रहा है। अगले छह माह में आईपीडी (इंडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) और वैकल्पिक सर्जरी के साथ अन्य चिकित्सा सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। एम्स में पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित होंगे। हालांकि इसमें 940 बिस्तरों का प्रावधान करने की योजना है। इसमें 193 आईसीयू, 594 सामान्य, 30 आयुष और 123 गैर पूरक बिस्तर स्थापित किए जाएंगे। एम्स में 20 अल्ट्रा आधुनिक आपरेशन थियेटर स्थापित होंगे। एम्स की 7 नवंबर 2015 को कल्पना की गई थी। जिसकी 3 फरवरी 2019 को आधारशिला रखी गई। 20 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री ने एम्स का औपचारिक उद्घाटन किया। 7 जुलाई 2024 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स का दौरा कर जल्द ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए थे। एम्स को तीन चरण में 750, 1500 और 2200 तक बिस्तर स्थापित किए जाएंगे। निदेशक ने कहा कि टेलिमेडिसिन सेवा में अभी अधिक रुझान नहीं मिला है। एम्स में 3 टेसला एमआरआई, 128 स्लाइस्ड सीटी और डिजिटल एक्सरे मशीनें स्थापित हैं। दिल्ली एम्स की तर्ज पर डायग्नोसिस करों को शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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ओपीडी का शेड्यूल
सभी दिन चलने वाली ओपीडी के स्पेशियलिटी विभाग- सामान्य चिकित्सा विभाग (मेडिसिन) विभाग, सामान्य सर्जरी विभाग, बाल विभाग, स्त्री रोग और प्रसूति विभाग, त्वचाविज्ञान विभाग, नेत्र विभाग, ईएनटी, हड्डी, फिजिकल मेडिसिन व पुनर्वास, दर्द क्लीनिक, पैलेटिव केयर क्लीनिक, फैमिली मेडिसिन, इम्युनोहेमोटोलॉजी क्लीनिक, रेडियोथेरेपी, डेंटिस्ट्री, ट्रामा व इमरजेंसी मेडिसिन) शामिल हैं। इसके अलावा मनोरोग विभाग व मनोचिकित्सा क्लीनिक (सोमवार से शनिवार तक), कंजरवेटिव दंत चिकित्सा (मंगलवार व शुक्रवार), आर्थोडेन्टिक्स (बुधवार व शनिवार) शामिल हैं।

सुपर स्पेशियलिटी के विभागों में- इंडियोक्रियोनाॅजी, पेडियाट्रिक सर्जरी, सीटीवीएस, नेफरोलाजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलाजी, यूरोलाजी (सभी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार), बर्नस व प्लास्टिर सर्जरी (मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार) तथा सर्जिकल गेस्ट्रोइंट्रोलाॅजी (मंगलवार, वीरवार और शनिवार) शामिल हैं।







इस साल 100 एमबीबीएस सीटें प्रस्तावित



जम्मू। इस साल के शैक्षणिक सत्र में एम्स जम्मू में 100 एमबीबीएस सीटें प्रस्तावित हैं। वर्ष 2020 में 50, वर्ष 2021-22 में 61 और वर्ष 2023 में 62 छात्रों का एमबीबीएस में दाखिला किया गया था। इसके साथ एम्स में हर साल 60 छात्रों का बीएससी में दाखिला किया जा रहा है। इसके अलावा एम्स वर्तमान में 45 स्नातकोत्तर सीट मेडिसिन, सर्जरी और दंत चिकित्सा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में सुपर स्पेशियलिस्ट पाठ्यक्रम (डीएम/एससीएच) 2025 में प्रारंभ करने की योजना है। एम्स के पूरी तरह से शुरू होने से जम्मू कश्मीर के अलावा लेह, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लोगों को चिकित्सा लाभ मिलेगा।
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स्टाफ में 58 प्रतिशत हिस्सेदारी जम्मू-कश्मीर से



कार्यकारी निदेशक प्रो. (डाॅ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि एम्स में कुल कर्मचारियों में 58 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से है। 42 प्रतिशत हिस्सा अन्य क्षेत्र से है। आउटसोर्स कर्मचारियों में भी 99 प्रतिशत स्थानीय निवासी हैं। संकाय सदस्यों में 59 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय क्षेत्र से है। मौजूदा कुल स्टाफ 1451 है। इसमें संकाय (9 कांट्रैक्चुअल) 94, सीनियर रेजीडेंट 71, नर्सिंग 533, प्रशासन व अन्य 45, टेक्नीशियन (कांट्रैक्चुअल) 73 और आउटसोर्स 635 हैं।
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