जम्मू। जम्मू-कश्मीर में यूनिवर्सल स्तर पर शुरू की गई जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नए बीमा धारकों को लाभ नहीं मिल पाया है। गत सितंबर के मध्य में इस योजना को व्यापक स्तर पर शुरू किया गया था, जिसमें अब तक प्रदेश में करीब 13 लाख नए लोगों को पंजीकृत किया जा चुका है। पुराने मिलाकर अब तक करीब 26 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं, लेकिन नए पंजीकृत मामलों में लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इन लोगों को गोल्डन कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि पुराने पंजीकृत धारकों को यह लाभ मिल रहा है।
योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लोगों को वर्ष 2011 के सामाजिक और आर्थिक जनगणना के आधार पर पंजीकृत किया गया था। नई योजना में सेवानिवृत्त कर्मियों को भी कवर किया जाना है। योजना के तहत संबंधित पोर्टल पर नए लाभार्थियों को पंजीकृत किया जा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें गोल्डन कार्ड जारी न करने से उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है और सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद गोल्डन कार्ड जारी किए जाएंगे।
पांच लाख तक का इलाज फ्री
इस योजना के तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाना है। यह कैशलेस योजना है और इसके लिए कई सरकारी व निजी अस्पतालों को चिह्न्ति किया गया है। योजना में 1300 से अधिक मेडिकल पैकेज रखे गए हैं। जिसमें सर्जरी सहित अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। नए पंजीकरण मामलों में लाभार्थी से राशन रार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, टेलीफोन नंबर आदि ब्योरा लिया जा रहा है, जिसमें बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन के बाद संबंधित बीमा कंपनी की ओर से गोल्डन कार्ड जारी किए जाएंगे।