जम्मू। पिछले एक माह से अधिक समय से स्वास्थ्य निदेशक का पद खाली रहने पर जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है - आजादी के बाद से पहली बार इतने लंबे समय तक पद खाली रखा गया। इस कारण आम लोगों के साथ चिकित्सा कर्मचारियों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। निदेशक के टेबल पर कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबित हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि पद खाली रहने से सैकड़ों पैरा मेडिकल स्टाफ के तबादले नहीं हो पाए, क्योंकि मंजूरी निदेशक द्वारा दी जाती है। हालांकि नए नियमों के तहत अप्रैल में विंडो खुलने पर ही तबादले किए जाते हैं, जो नहीं हो सके। इसमें कई गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों के मामले भी रुके हैं। इसके साथ 2211 हेड के तहत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को छह माह से वेतन जारी नहीं किया गया। वर्करों की आर्थिक दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। यही नहीं, चिकित्सा कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप कर स्वास्थ्य निदेशक का पद शीघ्र भरने के साथ लंबित वेतन जारी करने की मांग की। इस दौरान नीलम कुमारी, अनीता भगत, प्रफुलत सिंह, मो. नदीन, चौधरी असलम, भारत भूषण भगत मौजूद रहे।