संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम में धर्म और आध्यात्मिकता की भूमिका के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए रविवार को राजौरी में हृदय जागरूकता सह स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया। एसवीएस चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित शिविर का उद्घाटन श्री श्री 1008 स्वामी विश्वतमानंद महाराज, जीएमसीएच विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा और विबोध गुप्ता ने किया। लगभग 2000 लोगों ने लाभ उठाया। सलाह के अनुसार मुफ्त दवाएं दी गईं। महत्वपूर्ण बॉडी टेस्ट जैसे ईसीजी, लिपिड-प्रोफाइल, बीएमडी, ब्लड शुगर की जांच की गई।
स्वामी विश्वतमानंद महाराज ने कहा कि धर्म स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण पहलू है और स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा धार्मिक आवश्यकताओं पर ध्यान देने पर जोर दिया जा रहा है। लोगों के साथ बातचीत करते हुए डॉ. सुशील ने कहा कि अध्ययनों ने धार्मिकता, सामान्य स्वास्थ्य और मृत्यु दर के बीच सकारात्मक संबंध बताए हैं। कुछ अध्ययनों ने सुझाव दिया कि धार्मिक गतिविधियों में अधिक बार भाग लेने से धूम्रपान की दर कम हो गई और अन्य के अनुसार धर्म का पालन करना सर्व मृत्यु दर को कम करने से संबंधित हो सकता है। धार्मिकता लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करती है। डॉ. सुशील ने डॉ. शालिन्दर शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सामाजिक सेवाओं को याद किया। इस मौके पर डॉ. विदुषी बडयाल, डॉ. शाहबाज खान, डॉ. पूनम, डॉ. धनेश्वर कपूर, डॉ. अश्विनी शर्मा, भारत भूषण, डॉ. रघुवीर सिंह मौजूद रहे।