अमर उजाला ब्यूरो जम्मू। मोटापे के साथ खराब आहार हृदय रोग के बढ़ने में योगदान करता हैं। इनमें हृदय संबंधी मृत्यु दर का अनुमानित जोखिम 13 फीसदी है। इससे बचने के लिए एक निश्चित अवधि के दौरान प्रयोग की जाने वाली कैलोरी को सीमित करना चाहिए।
कैलोरी प्रतिबंध से मनुष्यों में वजन, रक्तचाप और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है। उपवास मधुमेह और हृदय रोग के खतरे को कम करता है।
यह बात जीएमसीएच जम्मू के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा ने ब्लॉक बिश्नाह के ग्राम भटियारी में हृदय जागरूकता स्वास्थ्य जांच शिविर में कही। उन्होंने बताया कि शोध अध्ययनों से पता चला है कि आंतरिक उपवास रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करता है और संबंधित स्थितियों के जोखिम को कम करता है। उपवास के दौरान भोजन का चयन हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और गैस्ट्रिक जैसी विभिन्न समस्याओं को खत्म करने में मदद करता है। इस मौके पर क्षेत्र के प्रमुख सदस्य अर्चना जम्वाल, सुरजीत सिंह, चंचल शर्मा, सुशील कुमार, गणेश दत्त, मास्टर रमेश चंदर और मुकेश शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।