उन्हें न तो बाहर के लोगों से मिलने की अनुमति दी जाती है और न ही बाहर आने दिया जाता है। दियालाचक आश्रम में फिलहाल पांच युवतियां मिलीं, जिनमें से कुछ राज्य से बाहर की बताई गई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी बाबा वीरेंद्र दीक्षित एक बार दियालाचक भी आ चुका है। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने बाकायदा यह भी जवाब-तलब किया था कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद किस तरह से इस आश्रम को विश्वविद्यालय बताया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताशी राबस्तन ने तीन दिसंबर को आदेश दिया था, जिसमें विशेष टीम का गठन करते हुए जम्मू के भगवती नगर और कठुआ के दियालाचक में चल रहे बाबा वीरेंद्र दीक्षित के दो केंद्रों पर आश्रितों से बातचीत शामिल था। टीम को वहां रह रही युवतियों के स्वास्थ्य व वहां के हालात की जांच करने को कहा गया था। उसके बाद बुधवार को टीम दियालाचक पहुंची।
जम्मू। हाईकोर्ट की तरफ से निर्धारित की गई टीम भगवती नगर स्थित वीरेंद्र दीक्षित के आश्रम में भी पहुंची। सुबह सबसे पहले टीम के सदस्य भगवती नगर पहुंचे। भगवती नगर में दो मंजिला इमारत में आश्रम चल रहा है। इस आश्रम में रिकार्ड की जांच की और वहां के स्टाफ से भी पूछताछ की। स्टाफ ने लोगों को बताया कि किस तरह से आश्रम का काम चल रहा है। आश्रम को मिलने वाले फंड के बारे में भी पूछताछ की। एसएसपी विवेक गुप्ता के अनुसार इस मामले में पुलिस का कोई लेना देना नहीं है। पुलिस ने केवल टीम को सुरक्षा प्रदान की थी।