हाईकोर्ट ने सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से रियासत की विभिन्न जेलों में कैद अंडर ट्रायल कैदियों की रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश देश के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की ‘फाइव प्लस जीरो’ पहल के तहत दिया गया है।
इस योजना के तहत पांच साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा ताकि उनमें निर्णय सुनिश्चित किया जा सके। आगामी 22 से 24 अप्रैल तक होने वाली चीफ जस्टिस कांफ्रेंस 2016 के प्रस्तावित एजेंडे में भी ‘परीक्षण के तहत कैदियों के मामलों की प्रगति पर नजर रखने के लिए तंत्र की निगरानी’ एक मुद्दा होगा।
इसी क्रम में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल एमके हंजूरा ने रियासत के तमाम जजों से अंडर ट्रायल कैदियों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।