हवाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह
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हवाला मामले में पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह को पुलिस ने सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया। इस दौरान अदालत में जज ने उनसे पूछा कि कोई तकलीफ तो नहीं। इस पर बाबू सिंह जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा कि उनके पांव में दर्द है और इलाज नहीं मिल पा रहा।
बाबू सिंह के स्वास्थ्य की हर रोज जांच होगी: कोर्ट
इस पर जज ने पुलिस से पूछा, तो एसडीपीओ सचित शर्मा ने कहा कि वह कई दिनों से इधर उधर भाग रहे हैं। इसकी वजह से उनके पांव में दर्द है। जज ने पुलिस को आदेश दिया कि बाबू सिंह के स्वास्थ्य की हर रोज जांच होगी।
कोर्ट ने पाया कि रिमांड के लिए आधार वास्तविक हैं
कोर्ट के पीठासीन अधिकारी खलील चौधरी ने कहा कि पुलिस की ओर से मामले की केस डिटेल दी गई है। पुलिस की तरफ से पेश केस को देखते हुए कोर्ट ने पाया कि रिमांड के लिए आधार वास्तविक हैं, जो आरोपी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लेने के लिए अधिकृत करते हैं। लिहाजा इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए।
शरीफ शाह को 6.90 लाख के साथ जम्मू में पकड़ा था
हालांकि इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी बाबू सिंह का रोज स्वास्थ्य चेकअप भी कराएं। पुलिस ने कोकरनाग के रहने वाले मोहम्मद शरीफ शाह को 6.90 लाख रुपये के साथ जम्मू के वेयर हाउस में पकड़ा था। मोहम्मद शरीफ शाह के अनुसार यह पैसा हवाला का था और शरीफ शाह पूर्व वन कर्मी है।
देश विरोधी गतिविधियों में लगाया जाना था पैसा
यह पैसा बाबू सिंह और अन्य लोगों तक पहुंचाना था, ताकि देश विरोधी गतिविधियों को चलाया जाए। गांधी नगर पुलिस स्टेशन में इसे लेकर केस दर्ज किया गया। शरीफ ने अपने स्थानीय और विदेशी सहयोगियों के नामों का खुलासा किया था, जिनमें जावेद और खतीब, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के निवासी और टोरंटो, कनाडा के फारूक खान शामिल हैं।
विदेशी संलिप्तता के और लिंक का जांच में पता चलेगा
सूत्रों के अनुसार हवाला नेटवर्क की शुरुआत पाकिस्तान, पीओजेके और कनाडा से हुई थी। ऐसे में विदेशी संलिप्तता के और लिंक का जांच में पता चलेगा। मोहम्मद शरीफ एक गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन भी था, जिसमें पाकिस्तान और सऊदी अरब सहित विभिन्न देशों के सदस्य थे। इसे देखते हुए, हवाला नेटवर्क के सऊदी अरब में भी फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। जेएनएफ