अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मामले में मचे बवाल के बाद खबर है कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भरोसा दिलाया है कि अब अन्य अलगाववादियों की रिहाई नहीं होगी। लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन खबरों का खंडन किया है। राजनाथ ने कहा, मेरी मुफ्ती से कोई बात नहीं हुई है, न आज न कल न ही बीते ढ़ाई साल में।
राजनाथ ने स्पष्ट किया कि, हमारी प्रथमिकता देश है सरकार नहीं। जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई मामले पर हुई किरकिरी के बाद भाजपा ने रियासत की मुफ्ती सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। एक टीवी चैनल के अनुसार, भाजपा ने कहा है कि अब और कैदियों की रिहाई न हो। किसी अन्य कैदी की रिहाई हुई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पीडीपी से एक और गलती हुई तो रिश्ता टूट भी सकता है। वैसे मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 15 ऐसे कैदी हैं, जिनकी रिहाई पर मुफ्ती सरकार विचार कर रही है।
उधर, भाजपा पर संघ परिवार का भी भारी दबाव है, जिसके चलते भाजपा ने पीडीपी को यह चेतावनी दी है। वैसे, भाजपा की ओर से यह भी साफ किया जा रहा है कि मसर्रत की रिहाई 4 फरवरी को ही तय हो गई थी, जब राजयपाल शासन था और ऐसे व्यक्ति की रिहाई में तकनीकी रूप से कुछ भी गलत नहीं है। इस मामले को जिस तरह मुफ्ती सरकार ने डील किया, उससे भाजपा नाराज है। खबर है कि मुफ्ती अन्य कैदियों को भी रिहा करने की तैयारी कर रहे हैं।
- कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली का कहना है कि, भाजपा इस तरह से नहीं चल सकती, यह भाजपा के लिए आत्मघाती साबित होगा।
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि, गठबंधन की सरकार में दूसरे दल को भी विश्वास में लेना चाहिए। ऐसा किए बिना कोई फैसला नहीं लेना चाहिए।
- बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, सिर्फ यह कहने से काम नहीं चलेगा कि केंद्र को मामले की जानकारी नहीं थी, मसर्रत की रिहाई राज्यपाल शासन के दौरान हुई है।