बंदूकों की दुकानों पर नियमों की अनदेखी की जा रही है। शायद यह भी एक बड़ा कारण है, जिससे बंदूक की दुकानों पर चोरियां हो रही हैं। पिछले आठ महीने में दो ऐसी चोरियां हो चुकी हैं।
नियम के अनुसार हर दुकान पर सिक्योरिटी गार्ड और सीसीटीवी होना अनिवार्य है, लेकिन दुकानों पर ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से चोर यहां हाथ साफ कर रहे हैं। दुकानों के लाइसेंस तक रिन्यू नहीं कराए जा रहे।
कुछ दिन पहले रेलवे की मंगल मार्केट और दो दिन पहले गाडीगढ़ मेन रोड पर हुई चोरी में एक बात सामान्य है। दोनों ही जगहों पर न तो सीसीटीवी कैमरा और न ही सिक्योरिटी गार्ड था।
पुलिस ने पिछले कुछ मामलों में नोटिस करते हुए पाया है कि दुकानदारों के पास ये सुविधाएं नहीं हैं। इसके बाद पुलिस ने जिला प्रशासन को लिखा कि इसकी जांच होनी चाहिए। गाडीगढ़ में जिस दुकान में चोरी हुई, उसका लाइसेंस भी एक्सपायर हो चुका था।
रेलवे स्टेशन स्थिति करीब एक दर्जन दुकानों से पांच सौ गन लाइसेंस बरामद किए गए थे। इसकी जांच भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। यह जांच की जानी थी कि लाइसेंस रिन्यू कराने का काम जिला प्रशासन करता है तो दुकानों पर इनका क्या काम।
चोरी की बंदूक बेचने पर चोरी करने वालों को खासे पैसे मिलते हैं। इसकी वजह से बंदूकों के साथ गोलियां भी चोरी की जा रही हैं। पुलिस इन मामलों की जांच अपराधियों के रिकार्ड के साथ जोड़ कर भी कर रही है।
एडीसी रिफत कोहली के अनुसारदुकानदारों को साफ तौर पर कहा है सिक्योरिटी गार्ड रखना अनिवार्य है। सीसीटीवी कैमरा भी होना चाहिए।