पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि बंदूकें किसी समस्या का हल नहीं हैं। भारत और पाकिस्तान को अपने मुद्दे आपस में बैठकर सुलझाने चाहिए। यदि गोलाबारी ही करनी है तो जम्मू-कश्मीर से बाहर करें। महबूबा ने शनिवार को जिले के सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर पाकिस्तानी गोलाबारी से उपजी स्थिति का जायजा लिया। बैनगलाड में ग्रामीणों ने महबूबा से मांग की कि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पांच-पांच मरले के प्लाट अलाट किए जाएं।
युवाओं के लिए विशेष भर्ती की जाए, आईबी पर रहने वालों को नियंत्रण रेखा जैसी सुविधा दी जाए। लोगों ने कहा कि पीडीपी इन मांगों को अपने घोषणापत्रा में शामिल करे। इस पर महबूबा ने कहा कि वह ऐसी कोई मांग घोषणापत्र में नहीं रखेंगी, जिसे वह पूरी न कर सकें। अगर रियासत में पीडीपी की सरकार बनती है तो इस पर अमल जरूर किया जाएगा। साथ ही कहा कि इस बारे में वह केंद्र सरकार से बात करेंगी। वहां वह सीमावर्ती लोगों की समस्याएं उठाएंगी।
महबूबा ने सीमावर्ती गांव नंगा, बैनगलाड में जाकर गोलाबारी से प्रभावित लोगों से बातचीत की। नंगा गांव में वह दर्शन लाल, रानी देवी, सुनील से भी मिलीं। तीनों पाकिस्तानी गोलाबारी में जख्मी हो गए थे। वह मोहनलाल के घर भी गईं जहां मोर्टार का शेल गिरा था। यहां उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी हरकत पर रोक लगानी होगी।
सीमा पर शांति ही दोनों देशों के लोगों के हित में है। इस मौके पर पूर्व सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, एमएलसी यशपाल शर्मा, राजेंद्र सिंह मन्हास, रशीद मलिक, जिला प्रधान सलीम, पवन देव सिंह, सन्नी संगराल, सुखदेव सिंह टिकं, शशि पाल मौजूद रहे।