महीनों तबाही के मंजर देखने के बाद घाटी में सैलानियों की रौनक फिर गुलजार होने लगी है। नवंबर के आखिर से हालात में तेजी से हुए सुधार और दिसंबर में बर्फ के फाहों से बदली घाटी की फिजा में सैलानी खिंचे चले आ रहे हैं। उस पर नए साल का उत्साह इस रौनक को और बढ़ाता नजर आ रहा है।
हिंसा का केंद्र रहे दक्षिण कश्मीर में पहले जैसी रौनक नहीं है लेकिन उत्तरी कश्मीर के ड्रीम डेस्टिनेशन गुलमर्ग सैलानियों से चहक उठा है। बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर फेंकने के मस्ती भरे नजारे रोज दिखाई दे रहे हैं। विंटर गेम्स और बर्फबारी से जुड़े एडवेंचर के लिए प्रसिद्ध गुलमर्ग आने वाले सैलानियों पर न तो आतंकवाद और ना ही नोटबंदी का असर कहीं दिख रहा है।
सैलानियों की आमद बढ़ने से पर्यटन विभाग भी उत्साहित है। गरमी के सीजन में हिंसा भड़कने से भारी नुकसान हुआ था। अब उसकी भरपाई के लिए पर्यटन विभाग ने 30 से लेकर 50 फीसदी तक छूट दे दी है। जम्मू-कश्मीर टूरिजम डेवलपमेंट कारपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बर्फबारी सैलानियाें के लिए मुख्य आकर्षण है।