पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जम्मू में गुज्जर और बक्करवाल समुदायों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे का राज्यपाल प्रशासन ने हल नहीं किया तो खतरनाक परिणाम होंगे।
पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दुर्भाग्य से राज्यपाल की नाक के ठीक नीचे जम्मू में गुज्जर और बक्करवालों को निशाना बनाया जा रहा है। राज्यपाल प्रशासन इसका संज्ञान नहीं ले रहा है। पिछले साल उन्होंने इस मुद्दे को राज्यपाल के समक्ष उठाया था। दरअसल, अतिक्रमण के नाम पर गुज्जर और बकरवाल समुदाय के लोगों के कुछ मकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया था। राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि इन मकानों को खासतौर पर सर्दियों में नहीं छुआ जाएगा। लेकिन अतिक्रमण के नाम पर और पशुओं की तस्करी के बहाने उन्हें सताया जा रहा है।
महबूबा ने यह भी आरोप लगाया कि जम्मू में रह रहे मुसलमानों को 1947 जैसी स्थिति की धमकी दी जा रही है, जब सांप्रदायिक दंगे हुए थे। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि जम्मू में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो पिछले साल कठुआ में एक बक्करवाल बच्ची से हुए कथित बलात्कार जैसी घटना से लोगों के मन में डर की भावना डालने की कोशिश कर रहे हैं।